राज्यपाल पहुंचे पाक गोलाबारी से विस्थापित शिविरों में
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राज्यपाल एनएन वोहरा रियासत का राजकाज संभालने के अगले ही दिन रविवार को पाक गोलाबारी से विस्थापित लोगों के शिविरों में गए। कठुआ और सांबा जिले में बने शिविरों का दौरा कर उन्होंने नापाक गोलों के कारण विस्थापितों की तरह जिंदगी गुजार रहे लोगों का दुख दर्द सुना।
समस्याएं जानकर हर प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के मातहतों को निर्देश दिए ताकि कड़ाके की इस ठंड में लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
राज्यपाल ने हीरानगर हायर सेकेंडरी स्कूल और चीची माता मंदिर सांबा में बने शिविरों में रह रहे विस्थापितों के लिए खाने पाने तथा दवाई की व्यवस्था करने को कहा। हिदायत दी कि इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की हिदायत दी
इस दौरान बार्डर वेलफेयर कमेटी के प्रधान भारत भूषण ने सीमांत ग्रामीणों की समस्याएं बताते हुए कहा कि 1947 से अब तक उन्हें ग्यारह बार पलायन करना पड़ चुका है। जिस प्रकार से कश्मीरी विस्थापितों को दो कमरों के घर बनाकर दिए गए हैं, वैसे ही उन्हें भी राहत दी जाए।
इसके साथ ही तारबंदी में आई 22 गांवों की बीस हजार कनाल से अधिक भूमि का मुआवजा भी दिया जाए। डीच में आई भूमि के लिए भी उन्हें मुआवजा दिया जाए। स्टेट लैंड पर की गई कृषि से उत्पन्न फसल का पांच करोड़ रुपये मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
लोगों ने सीमावर्ती गांवों से पुलिस की भर्ती करने की भी मांग की। वोहरा ने फसल के मुआवजे के लिए जिला उपायुक्त को निर्देश दिए। भर्ती के लिए आईजी को रिपोर्ट बनाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि सीमांत लोगों की समस्या का हल करना जरूरी है।
इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान सचिव प्रदीप के. त्रिपाठी, मंडलायुक्त जम्मू शांतमनु, पुलिस महानिरीक्षक राजेश कुमार के अलावा सांबा के डीसी मुबारक सिंह, कठुआ के डीसी डा. शाहिद इकबाल चौधरी थे।