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'अड़ियल रवैये की जगह कश्मीर की शांति को तरजीह दे सरकार'

Sat, 20 Aug 2016 11:18 AM IST
एजेंसी/श्रीनगर
एजेंसी/श्रीनगर Updated Sat, 20 Aug 2016 11:18 AM IST
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government will talk on Kashmir
‌रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र को पाकिस्तान का बातचीत का न्योता स्वीकार करना चाहिए।
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कश्मीर को जटिल समस्या बताते हुए उन्होंने कहा स्थायी शांति बहाल करने के लिए केंद्र को पाकिस्तान की ओर हाथ बढ़ाना चाहिए। लंदन से बयान जारी कर फारूक अब्दुल्ला ने कहा केंद्र को कश्मीर मसले के हल को तवज्जो देनी चाहिए। इसके लिए उसे अपने अहम को छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा भारत और पाकिस्तान जब तक दोनों तरफ के कश्मीरियों को शामिल कर संवाद नहीं करते तब तक बातचीत सार्थक नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल होने से दक्षिण एशिया में हालात बेहतर होंगे। जब तक दोनों देश स्थायी हल नहीं करते जम्मू-कश्मीर की शांति पर संकट बना रहेगा।
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अत्याधिक बल प्रयोग से बिगड़ रहे हालात

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फारूक अब्दुल्ला से बातचीत करते उमर - फोटो : PTI
घाटी के हालात पर उन्होंने कहा कर्फ्यू, पाबंदियों और अत्यधिक बल प्रयोग से कश्मीर के हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ रहे हैं। सरकार को तत्काल लोगाें पर अत्याचार रोकना होगा।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कश्मीर के हालात को लेकर पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है। भारत के लोकतंत्र पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर संज्ञान लिया जाना चाहिए।

हालात के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने कहा इससे पहले ऐसे हालात कभी नहीं बने। भाजपा का मुख्य एजेंडा धारा 370 को हटाकर जम्मू-कश्मीर में जनसांख्यिकीय परिवर्तन लाना है।
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