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केसर की खेती करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Sun, 24 Aug 2014 12:44 PM IST
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केंद्र सरकार कश्मीर में नंबर 1 क्वालिटी की केसर की पैदावार के लिए किसानों को हरसंभव सहायता देगी। यह घोषणा शनिवार को केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने पंपोर में 24.54 करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले सैफरन पार्क प्रोजेक्ट की नींव पत्थर रखते समय की। इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर तथा कई दूसरे आलधिकारी भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केसर की पैदावार कर रहे किसानों को हरसंभव सहायता देगी ताकि वह नंबर एक क्वालिटी के केसर की पैदावार कर सकें। उन्होंने कहा कि यह बडे़ ही गौरव का विषय है कि बेहतर दर्जे के केसर की पैदावार कश्मीर में हो रही है। इसको विश्वभर में पसंद किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसकी पैदावार में जुटे किसानों को केंद्र सहायता मुहैया करवाने के लिए तैयार है, क्योंकि किसानों की सहायता करने से ही देश अधिक तरक्की कर सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने कश्मीर को देश का ताज करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसके विकास की ओर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि केसर की पैदावार को वह 2.5 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ा कर दोगुना 5 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर करना चाहते हैं, जिसके लिए किसानों को नई योजनाओं के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने की जरूरत है।
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उन्होंने 24.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सैफरन पार्क का उद्घाटन भी इस मौके किया। इस पार्क को केंद्र सरकार के नेशनल हार्टीकल्चर बोर्ड द्वारा नेशनल सैफरन मिशन के तहत वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। इसके निमार्ण की अवधि को 6 वर्ष बढ़ा दिया गया है, जिस दौरान 400.11 करोड़ की राशि सैफरन पैदावार को बढ़ाने पर खर्च की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर में नई हाटीकल्चर विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग पर उन्होंने राज्य सरकार को पूरी योजना का एक प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार के पास भेजने के लिए कहा। राज्य के कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए । कृषि विभाग के कई आलाधिकारी भी वहां मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार केसर की पैदावार कर रहे किसानों को हरसंभव सहायता देगी ताकि वह नंबर एक क्वालिटी के केसर की पैदावार कर सकें। उन्होंने कहा कि यह बडे़ ही गौरव का विषय है कि बेहतर दर्जे के केसर की पैदावार कश्मीर में हो रही है। इसको विश्वभर में पसंद किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसकी पैदावार में जुटे किसानों को केंद्र सहायता मुहैया करवाने के लिए तैयार है, क्योंकि किसानों की सहायता करने से ही देश अधिक तरक्की कर सकता है।
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केंद्रीय मंत्री ने कश्मीर को देश का ताज करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसके विकास की ओर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि केसर की पैदावार को वह 2.5 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ा कर दोगुना 5 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर करना चाहते हैं, जिसके लिए किसानों को नई योजनाओं के तहत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने की जरूरत है।
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उन्होंने 24.54 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले सैफरन पार्क का उद्घाटन भी इस मौके किया। इस पार्क को केंद्र सरकार के नेशनल हार्टीकल्चर बोर्ड द्वारा नेशनल सैफरन मिशन के तहत वर्ष 2010 में शुरू किया गया था। इसके निमार्ण की अवधि को 6 वर्ष बढ़ा दिया गया है, जिस दौरान 400.11 करोड़ की राशि सैफरन पैदावार को बढ़ाने पर खर्च की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर में नई हाटीकल्चर विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग पर उन्होंने राज्य सरकार को पूरी योजना का एक प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार के पास भेजने के लिए कहा। राज्य के कृषि मंत्री गुलाम हसन मीर ने भी इस अवसर पर अपने विचार प्रकट किए । कृषि विभाग के कई आलाधिकारी भी वहां मौजूद थे।