फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Government is facing 42 million liability

42 करोड़ देनदारी बनी टेढ़ी खीर

Mon, 18 May 2015 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कठुआ
अमर उजाला ब्यूरो/कठुआ Updated Mon, 18 May 2015 12:28 AM IST
विज्ञापन
Government is facing 42 million liability

42 करोड़ की देनदारी चुकाना कोष विभाग के लिए टेढ़ी खीर बन गया है। ऐसे में रोजाना जहां भुगतान के लिए लोगों का तांता लग रहा है, वहीं विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार को सरकारी निर्माण के ठेकेदारों ने देनदारी जल्द न चुकाए जाने की सूरत में कोष विभाग पर ताला जड़ने की चेतावनी जारी कर दी।

विज्ञापन


ऐसी परिस्थितियों में विभिन्न सरकारी महकमों, सेवा प्रदाता ठेकेदारों, मुलाजिमों में रोष बढ़ गया है तो कोष विभाग पर्याप्त राशि न मिलने से लाचार हो गया है। कोष विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बकाया राशि जारी करने के लिए ऐसे हालात पहले कभी नहीं बने।
विज्ञापन


वित्तीय वर्ष खत्म होने के साथ ही अधिकांश राशि का भुगतान कर दिया जाता था। लेकिन इस बार के हालात बिल्कुल अलग हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने के बावजूद विभाग के पास 42 करोड़ की भारी भरकम राशि देने की जिम्मेदारी है। मई महीने में कुछ राशि जारी होने से देनदारी का बोझ कम जरूर हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ठेकेदारों से लेकर मुलाजिमों का भुगतान अब भी अटका है। कोष विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मार्च महीने तक की देनदारी का बड़ा हिस्सा चुकाया गया है। सरकार चरणवार रूप से पैसा जारी कर रही है, लेकिन वह उतना नहीं है जितने की जरूरत है।


राशि के भुगतान में हो रहे लगातार विलंब का सीधा असर कोष विभाग के कामकाज पर पड़ रहा है। रोजाना पेमेंट लेने वालों को समझाना मुश्किल हो गया है। वेतन का भुगतान न होने से मुलाजिमों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन वे आंदोलन कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed