रियासत में सरकार गठन की तस्वीर साफ, पढ़ें खबर
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रियासत में राजनीतिक अस्थिरता के एक महीने लंबे चले दौर के बाद सरकार गठन की तस्वीर लगभग साफ हो गई है। नई सरकार पीडीपी-भाजपा गठजोड़ की होगी। राज्यसभा चुनाव के लिए पीडीपी की ओर से दो प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही गठबंधन का स्वरूप स्पष्ट हो गया है।
माना जा रहा है कि आपसी सहमति के आधार पर पीडीपी और भाजपा राज्यसभा की दो-दो सीटों पर कब्जा करेंगी। साथ ही अगले कुछ दिनों में इन दोनों दलों की साझा सरकार भी अस्तित्व में आ जाएगी। गठबंधन की औपचारिक घोषणा के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। न्यूनतम साझा कार्यक्रम का मसौदा भी तैयार है।
बस अब दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच इनके आखिरी स्वरूप पर मुहर लगनी भर शेष है। सियासी पंडितों का मानना है कि दोनों दलों के बीच बातचीत कई दिनों पहले ही फाइनल हो गई है, लेकिन दिल्ली चुनाव के चलते भाजपा की ओर से औपचारिक घोषणा में देरी की जा रही है। वह चुनाव से पहले किसी प्रकार का जोखिम उठाना नहीं चाहती है।
कुछ मुद्दों पर मौन रहेंगी भाजपा-पीडीपी
मुख्यमंत्री पद की दावेदारी, अनुच्छेद 370 और अफस्पा जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के बीच सहमति बन गई है। अनुच्छेद 370 पर भाजपा तो अफस्पा पर पीडीपी मौन रहकर गठजोड़ सरकार की इबारत लिखेंगे। सूत्रों का कहना है कि पीडीपी और भाजपा दोनों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि रियासत में विवादित मुद्दों को दोनों दल तूल नहीं देंगे।
विकास मुख्य एजेंडा होगा। गुड गवर्नेंस और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लिए दोनों पार्टियां काम करेंगी। पीडीपी ने संभावित पार्टनर भाजपा की सदस्य संख्या को ध्यान में रखकर ही अपने दो प्रत्याशी रणनीति के तहत मैदान में उतारे हैं। पीडीपी प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि दो सीटों पर जीत की रणनीति बना ली गई है।
पार्टनर खोज लिया गया है। उन्होंने साफ संकेत दिए कि जहां से अधिक वोट मिलेंगे उन्हीं से गठजोड़ होगा। इस बीच, यहां पहुंचे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि रियासत में नई सरकार के लिए प्रयास चल रहे हैं। जल्द ही सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे।