संघ की सहमति पर बनी थी जम्मू-कश्मीर में सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सरकार बनाने के मामले में पार्टी और संघ के अंदर उठ रहे सवालों व संदेहों को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में दूर करने की पुरजोर कोशिश की गई।
शनिवार को सरकार बनाने के फैसले पर जहां कार्यकारिणी ने भी हामी भर दी, वहीं भाजपा ने दावा किया है कि सूबे में सरकार संघ की इच्छा से बनाई गई। सरकार बनाने के सूत्रधार रहे पार्टी महासचिव राम माधव ने बैठक में इस फैसले के बचाव में 45 मिनट का प्रस्तुतिकरण दिया।
राम माधव ने सूबे में सरकार बनाने के फैसले को भाजपा के लिये ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि दोनों दल वास्तव में विकास के एजेंडे के तहत साथ-साथ आए हैं। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सूबे के लोगों की सोच बदलने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिये विकास की राजनीति की जरूरत है।
अनुच्छेद 370 पार्टी के मुख्य एजेंडे में अब भी शामिल
राम माधव ने कहा कि भाजपा ने अपनी विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया है। इस दौरान पार्टी ने साफ किया कि अनुच्छेद 370 पार्टी के मुख्य एजेंडे में अब भी शामिल है। उल्लेखनीय है कि सरकार गठन के पहले ही दिन सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद ने शांतिपूर्ण चुनाव का श्रेय आतंकवादी, अलगाववादी और पाकिस्तान को देकर विवाद खड़ा कर दिया था।
इसके बाद अलगाववादी नेता मसर्रत आलम की रिहाई के फैसले ने भी पीडीपी-भाजपा के संबंधों में तनाव पैदा कर दिया था। इसके बाद संघ के भी सरकार बनाने के फैसले पर नाराज होने की खबरें आई थीं।
बकौल केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण प्रस्तुतिकरण के बाद कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने सरकार बनाने के फैसले की सराहना की। सीतारमण ने सूबे में पीडीपी के साथ सरकार बनाने के फैसले से संघ के नाराज होने संबंधी खबरों का भी खंडन किया।