J&K: सरकारी डॉक्टर को थाने में बैठाने पर बढ़ा गुस्सा, आज भी अस्पतालों में काम बहिष्कार का एलान
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रियासी पुलिस स्टेशन में एक डॉक्टर को हिरासत में रखने पर गुस्सा बढ़ गया है। संभाग के कई जिला अस्पतालों में वीरवार को डॉक्टरों ने ओपीडी बंद रखकर विरोध जताया। कई जिला अस्पतालों में ओपीडी प्रभावित होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि सीनियर कंसलटेंट सेवाएं दे रहे हैं। मगर कई जगह जूनियर डॉक्टरों ने कामकाज प्रभावित किया है। अवैध रूप से डॉक्टर को पुलिस स्टेशन में रखने पर डॉक्टर संबंधित जिला उपायुक्त को निलंबित किए जाने की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों ने शुक्रवार को भी विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है।
रियासी जिला अस्पताल में वीरवार को डॉक्टरों ने अधीक्षक के कार्यालय के बाहर बैठकर धरना दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला उपायुक्त ने अपने पद का दुरुपयोग किया है।
जीएमसी जम्मू में रेजीडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले जूनियर डॉक्टरों ने कामकाज प्रभावित किया। आरडीए के उपप्रधान अमित कुमार ने दावा किया कि जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी में सेवाएं नहीं दीं। जबकि सीनियर डॉक्टरों ने भी एक घंटे कामकाज प्रभावित किया। हालांकि सीनियर कंसलटेंट ओपीडी में बैठे रहे। जिला अस्पताल उधमपुर में भी डॉक्टरों ने कामकाज ठप रखा। बिश्नाह चिकित्सा केंद्र में भी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित की गईं। सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं और कैजुल्टी बहाल रही।
क्या है मामला
डीसी ने कहा मैं कुछ नहीं बोलूंगा
जिला उपायुक्त रियासी प्रसन्ना रामा स्वामी का कहना है कि उन्हें सरकारी डॉक्टर को हिरासत में लेने के मामले में कुछ नहीं कहना। उन्होंने कहा जिला अस्पताल रियासी में डाक्टरों की कोई हड़ताल नहीं चल रही है। ओपीडी सामान्य रूप से बहाल है। अधीक्षक डा. प्रीतम सिंह का भी कहना है कि ओपीडी गत 20 अक्तूबर से ही सामान्य रूप से चल रही है। डॉक्टरों द्वारा हड़ताल का कोई नोटिस नहीं दिया गया है।