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त्योहारों में भी अस्थायी मुलाजिमों की जेब खाली

Sat, 04 Oct 2014 12:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 04 Oct 2014 12:23 PM IST
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government did not pay temporary worker in festivals season
त्योहारी सीजन में जहां बाजारों में खरीदारों की जमकर रौनक है, वहीं विभिन्न सरकारी विभागों के अस्थायी मुलाजिम मायूस हैं। कई विभागों में तो स्थायी मुलाजिमों को भी समय पर वेतन जारी नहीं हुआ है। अस्थायी मुलाजिमों की हालत तो यह है कि महीनों से वेतन नहीं मिलने से त्योहारी सीजन में उनके लिए आर्थिक तंगहाली की स्थिति बन चुकी है।
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पीएचई इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा का कहना है कि पीएचई विभाग में जम्मू संभाग में करीब 16 हजार अस्थायी मुलाजिम हैं, जिनमें डेलीवेजर्स, नीड बेस, सीपी वर्कर्स आदि शामिल हैं, को लंबे समय से वेतन नहीं मिला है।
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संघर्ष भी किया गया। सरकार ने समझौता भी किया लेकिन अब तक वेतन जारी नहीं हुआ है। ऐसे में अस्थायी मुलाजिमों के लिए स्थिति काफी भयंकर बन चुकी है। त्योहारों में खरीदारी करना तो दूर परिवार का भरण पोषण करना तक उनके लिए चुनौती बन गया है।
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रहबर ए तालीम टीचर्स फोरम के प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा का कहना है कि रहबर ए तालीम योजना से नियमित हुए शिक्षकों को कठुआ और पुंछ जिले में सात से आठ महीनों से वेतन जारी नहीं हुआ है। रियासत के अन्य जिलों में भी दो से तीन महीने का वेतन लंबित पड़ा हुआ है।


एजूकेशन वालंटियर शिक्षकों को भी समय पर वेतन जारी नहीं होने से त्योहारी सीजन में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग के नीड बेस कर्मियों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। लंबे अर्से से वेतन जारी नहीं होने के कारण उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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