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हड़ताल के दौरान स्वर्णकार का निधन
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:50 AM IST
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हाई अलर्ट से स्वर्णकार की मौत
- फोटो : Demo Pic.
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संभाग के सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों की पिछले 39 दिन से चल रही हड़ताल में उस समय दुखद हादसा हुआ, जब एक स्वर्णकार की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
स्वर्णकार संघ के संभागीय अध्यक्ष राज कुमार बब्बर ने कहा कि स्वर्णकार पूरण चंद की उम्र (50 साल) काफी कम थी और आशंका है कि आर्थिक परेशानी के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया होगा। यह पूरे स्वर्णकार समाज के लिए दुखद पहलू है।
संघ की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक मदद की जाएगी, ताकि परिवार दुखद समय से निकल पाए। वैसे तो आज हड़ताल का 39वां दिन था, लेकिन तमाम स्वर्णकार प्रदर्शन छोड़ पूरण चंद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
संभागीय अध्यक्ष ने कहा कि लंबी हड़ताल के कारण सोने के कारोबार से जुड़ा हर तबका परेशान है। ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार के राजस्व को भी चपत नहीं लग रही। सोने के आयात पर 12 फीसदी कस्टम लगता है और कारोबार बंद होने से आयात में भारी कमी आई है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री को सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों की समस्याओं को देखते हुए एक्साइज ड्यूटी के फैसले को रोल बैक करना चाहिए। साझा कमेटी के कुलभूषण आनंद, विजय कुमार वर्मा, सुरिंदर कुमार जैन, राम कपूर, जगदीश सहदेव, रघुबीर सराफ, राज पाल वर्मा, जोगिंदर वर्मा, अशोक नागी, संजीव कुमार वर्मा, अजय वैद ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक हड़ताल समाप्त का कोई सवाल नहीं है।
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स्वर्णकार संघ के संभागीय अध्यक्ष राज कुमार बब्बर ने कहा कि स्वर्णकार पूरण चंद की उम्र (50 साल) काफी कम थी और आशंका है कि आर्थिक परेशानी के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया होगा। यह पूरे स्वर्णकार समाज के लिए दुखद पहलू है।
संघ की ओर से पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक मदद की जाएगी, ताकि परिवार दुखद समय से निकल पाए। वैसे तो आज हड़ताल का 39वां दिन था, लेकिन तमाम स्वर्णकार प्रदर्शन छोड़ पूरण चंद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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संभागीय अध्यक्ष ने कहा कि लंबी हड़ताल के कारण सोने के कारोबार से जुड़ा हर तबका परेशान है। ऐसा नहीं है कि केंद्र सरकार के राजस्व को भी चपत नहीं लग रही। सोने के आयात पर 12 फीसदी कस्टम लगता है और कारोबार बंद होने से आयात में भारी कमी आई है।
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केंद्रीय वित्त मंत्री को सराफा व्यापारियों और स्वर्णकारों की समस्याओं को देखते हुए एक्साइज ड्यूटी के फैसले को रोल बैक करना चाहिए। साझा कमेटी के कुलभूषण आनंद, विजय कुमार वर्मा, सुरिंदर कुमार जैन, राम कपूर, जगदीश सहदेव, रघुबीर सराफ, राज पाल वर्मा, जोगिंदर वर्मा, अशोक नागी, संजीव कुमार वर्मा, अजय वैद ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, तब तक हड़ताल समाप्त का कोई सवाल नहीं है।