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अब सियाचिन में तैनात जवानों के लिए घातक होती जा रही ग्लोबल वार्मिंग
एजेंसी/ सियाचिन
Updated Tue, 16 Aug 2016 12:44 PM IST
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सियाचिन
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विश्व के सबसे ऊंचे और कठिन युद्धक्षेत्र सियाचिन ग्लेशियर पर तैनात सैनिकों की जिंदगी जलवायु परिवर्तन की वजह से न सिर्फ मुश्किल बल्कि खतरनाक होती जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह तापमान बढ़ने के कारण बर्फ का पिघलना है।
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सियाचिन में तैनात सैनिक दुश्मन की गोलियों से कम और बेहद प्रतिकूल मौसम की वजह से अधिक मरते हैं। तापमान शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चले जाने वाले सियाचिन में इस समय ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान में वृद्धि साफ महसूस की जा रही है।
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साल की शुरुआत में पाकिस्तानी सीमा के करीब सोनम पोस्ट पर 10 सैनिकों की मौत ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ही हुई थी। सोनम पोस्ट की घटना जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई क्योंकि वहां पर जल्दी बर्फीले हिमस्खलन नहीं होते।
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सियाचिन युद्धक्षेत्र के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल एस सेनगुप्ता के अनुसार, सोनम में जो कुछ हुआ वह बर्फ की दीवार गिरने से हुआ। यह सब कुछ दुर्घटना से 15 से 20 दिन पहले तापमान बढ़ने के कारण हुआ था।