कश्मीर: तीन सीटें पीडीपी-भाजपा की झोली में जाना तय
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राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा राज्यसभा सीट के लिए नामांकन के बाद सारे समीकरण उलट-पुलट हो गए हैं। आजाद की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा और पीडीपी की झोली में तीन सीटें जा सकती हैं।
नेंका के दो उम्मीदवारों ने भी दो सीटों के लिए पर्चे भरकर चुनाव को रोचक मोड़ पर पहुंचा दिया है। नेकां ने कांग्रेस के साथ गठबंधन तो किया ही साथ ही भाजपा-पीडीपी के लिए मुश्किलें भी खड़ी कर दीं हैं।
अब कोई सदस्य निर्विरोध नहीं चुना जा सकेगा और सभी सीटों पर मतदान तय है। बदले हालात में निर्दलीय विधायकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
बुधवार को राज्यसभा चुनाव की सीटों पर नामांकन भरने के आखिरी दिन कुल सात उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। इनमें भाजपा के शमशेर सिंह मन्हास और चंद्र मोहन शर्मा, पीडीपी के फैयाज अहमद मीर और नजीर अहमद लावे, कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद और नेशनल कांफ्रेंस से सज्जाद अहमद किचलू और नासिर असलम वानी ने नामांकन दाखिल किए।
तीन सीटें पीडीपी-भाजपा की झोली में जाना तय
कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के उम्मीदवारों के नामांकन भरने के बाद इतना तय है कि चार में से तीन सीटों पर पीडीपी और भाजपा के उम्मीदवारों का जीतना लगभग तय है, मगर एक सीट पर नेकां समर्थित कांग्रेस के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद की स्थिति मजबूत है।
राज्यसभा चुनाव की चार सीटों के लिए तीन अधिसूचनाएं हैं। इसका मतलब यह है कि हर विधायक चार सीटों के लिए तीन वोट कर पाएगा। नंबर एक और दो अधिसूचना में विधायकों को एक एक वोट का इस्तेमाल करना है जबकि तीसरी अधिसूचना के तहत दो सीटों के लिए विधायकों को एक वोट का ही इस्तेमाल करना है।
पहली दो सीटों पर पीडीपी और भाजपा के एक एक उम्मीदवार का जीतना लगभग तय है। जबकि तीसरी और चौथी सीट के लिए भाजपा-पीडीपी के विधायक जिनकी संख्या जोड़ दी जाए तो 53 बनती है। ऐसे में दो में से एक सीट पीडीपी-भाजपा समूह को मिलनी तय है।
मगर दूसरी सीट के लिए नेकां समर्थित कांग्रेस उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद के पास नेकां कांग्रेस के विधायकों की संख्या 27 होने की वजह से मजबूत स्थिति पर ला दिया है। ऐसे में पीपुल्स कांफ्रेंस के दो, सीपीआई के एक समेत चार निर्दलीय विधायकों पर जीत व हार तय करने का दारोमदार रहेगा।