{"_id":"50477ba491bf3682d31aa1e2cf1a7943","slug":"get-ready-to-face-more-electricity-crisis-this-year-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस गर्मी में खूब रुलाएगी बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस गर्मी में खूब रुलाएगी बिजली
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 29 Mar 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्मियों के मौसम में बिजली कटौती को सहने के लिए उपभोक्ताओं को तैयार हो जाना चाहिए। बिजली की मांग और उपलब्धता में रियासत में लगातार अंतर बढ़ता जा रहा है। वहीं रियासत में कई पनबिजली परियोजनाओं में दशकों पुरानी मशीनरी के न बदले जाने से क्षमता से कम उत्पादन से भी मुश्किलें बढ़ रही हैं।
विज्ञापन
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रियासत में पुरानी पन बिजली परियोजनाओं में मशीनरी की जरूरी मरम्मत न होने से क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं हो पा रहा है। बिजली की मांग बढ़कर 2600 मेगावाट के पार हो चुकी है, जबकि रियासत की अपनी पन बिजली परियोजनाओं के अलावा एनएचपीसी से मिलने वाली 12 फीसदी मुफ्त बिजली और बिजली की खरीद के बावजूद 1500 से 1600 मेगावाट बिजली की ही उपलब्धता हो पा रही है।
विज्ञापन
एक हजार मेगावाट के अंतर से गर्मियों में परेशानी खड़ी होगी। गर्मियों में जम्मू संभाग में भी रोजाना बिजली की जरूरत 1200 मेगावाट से ज्यादा हो जाती है। इसके अलावा जरूरी ढांचे की मरम्मत के लिए भी पर्याप्त फंड जारी नहीं हो पाया है। उपमुख्यमंत्री एवं बिजली मंत्री डा. निर्मल सिंह के अनुसार जम्मू में बिजली ढांचे में जरूरी सुधार और मरम्मत कार्र्य के लिए साढ़े छह करोड़ की राशि जारी की गई है।
विज्ञापन
बिजली की अनियमित आपूर्ति होने पर पेयजल आपूर्ति पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। ग्रिड स्टेशन महानपुर में 50 एमवीए ट्रांसफार्मर के अलावा अन्य जरूरी मरम्मत कार्य के चलते तीस मार्च सोमवार को सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक बसोहली, बनी और इसके आसपास के इलाकों के अलावा बिलावर तहसील में भी आंशिक रूप से बिजली की आपूर्ति प्रभावित रहेगी।