एक स्कूल की इमारत में चार प्राइमरी स्कूल
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जम्मू शहर में बीचोंबीच एक ऐसा सरकारी मिडिल स्कूल मौजूद है, जिसमें शहर के अलग-अलग स्थानों के चार सरकारी प्राइमरी स्कूल एक साथ एक ही कमरे में चलाए जा रहे हैं। यूं भी कहा जा सकता है कि एक इमारत में पांच सरकारी स्कूल चलाए जा रहे हैं।
इन चार प्राइमरी स्कूलों के नाम शिक्षा मंत्री की उस सूची में मौजूद हैं, जिनमें शिक्षक तो मौजूद हैं, लेकिन विद्यार्थियों की संख्या शून्य है। हालात यह हैं कि पांच स्कूलों के 32 विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए 24 शिक्षक तैनात किए गए हैं।
जबकि ग्रामीण इलाकों में स्थित शिक्षकों को तरस रहे हैं। पिछले दिनों शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में खुलासा किया था कि राज्य में 124 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनमें शिक्षक तो मौजूद हैं, लेकिन विद्यार्थी एक भी नहीं है।
इस सूची में 50 सरकारी स्कूल जम्मू संभाग के थे और इसमें सबसे ज्यादा 26 स्कूल जम्मू जिले में हैं। 26 स्कूलों की सूची में प्राइमरी स्कूल शालामार, प्राइमरी स्कूल महेशपुरा, प्राइमरी स्कूल बीसी रोड और प्राइमरी स्कूल खू तालाब भी थे।
चार प्राइमरी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी नहीं
सबसे हैरानी की बात यह है कि ये चारों स्कूल करीब दो वर्ष से सरकारी मिडिल स्कूल बीसी रोड की इमारत के एक कमरे में चल रहे हैं। इन चार प्राइमरी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी नहीं है, जबकि सरकारी मिडिल स्कूल बीसी रोड में विद्यार्थियों की संख्या 32 है।
चार प्राइमरी स्कूलों में एक स्कूल में तीन शिक्षक के हिसाब से स्टाफ भी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मिडिल स्कूल 32 विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए भी 12 शिक्षक तैनात हैं। कुल मिलाकर स्कूल में 35 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 24 शिक्षक तैनात किए गए हैं।
चार प्राइमरी स्कूलों के 12 शिक्षक चार स्कूलों के एक कमरे में ताला जड़कर मिडिल स्कूल बीसी रोड के स्टाफ रूम में बैठकर टाइम पास करते हैं। ये सारे शिक्षक हर महीने हजारों रुपये का वेतन बिना किसी काम के हासिल कर रहे हैं। इतना ही नहीं विद्यार्थी न होने के बावजूद शिक्षा विभाग की तरफ से इन शिक्षकों को स्कूलों में हर तरह की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
मिडिल स्कूल में भी 32 विद्यार्थी
सरकारी मिडिल स्कूल बीसी रोड में भी जरूरत के हिसाब से बहुत कम विद्यार्थी हैं। मिडिल स्कूल की आठ कक्षाओं में केवल 32 विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं। औसतन एक कक्षा में विद्यार्थी संख्या चार है, जबकि इनको शिक्षा देने के लिए स्टाफ पूरा तैनात किया गया है।