फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Floriculture parks will waste organic fertilizer

फ्लोरीकल्चर पार्कों में कचरे से बनेगी जैविक खाद

Wed, 10 Feb 2016 07:54 PM IST
Updated Wed, 10 Feb 2016 07:54 PM IST
विज्ञापन
Floriculture parks will waste organic fertilizer

शहर के छोटे-बड़े पार्कों में पौधों की टहनियों पत्तों का कचरा अब दुविधा के बजाय सुविधा का माध्यम बनेगा। फ्लोरीकल्चर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त प्रयास से शहर के पार्कों में आन साइट कंपोस्टिंग की कवायद शुरू कर दी गई है।

विज्ञापन


जैविक कचरे को जलाने के बजाय उसे खाद बनाकर पार्कों में इस्तेमाल किया जाएगा। फ्लोरीकल्चर विभाग के गांधीनगर स्थित कंपार्टमेंट नंबर एक में विभाग और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मालियों को प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा आन साइट कंपोस्टिंग का प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञापन


इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की म्यूनिसिपल सालिड वेस्ट इंचार्ज साइंटिस्ट अनुराधा ने रासायनिक खाद के प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी।

कर्मचार‌ियों को ऑन साइट कंपोस्टिंग की प्रायोगिक जानकारी दी गई

Floriculture parks will waste organic fertilizer

उन्होंने बताया कि रासायनिक खाद से कुछ समय के लिए अच्छे नतीजे जरूर मिलते हैं, लेकिन इससे दुष्प्रभाव कहीं अधिक होते हैं। यदि लोगों की आवाजाही के लिहाज से व्यस्त रहने वाले पार्क जैसे सार्वजनिक स्थल के जैविक कचरे का ठीक से प्रबंधन किया जाए तो कई समस्याओं का हल हो सकता है।

उन्होंने कहा कि शहरी जीवन से जुड़े कुल कचरे में से पचास से पचपन फीसदी जैविक श्रेणी का होता है, जिसे खाद बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस अवसर पर विभागीय मुलाजिमों को बाकायदा ऑन साइट कंपोस्टिंग की प्रायोगिक जानकारी दी गई। फ्लोरीकल्चर विभाग के निदेशक अशोक कुमार गुप्ता ने कहा जैविक कचरे को खाद में परिवर्तित करने के अभियान को ज्यादा से ज्यादा विस्तार दिया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed