फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Flood havoc continues, 300 village surrounded in water

60 सालों में नहीं देखा बर्बादी का ऐसा मंजर

Fri, 05 Sep 2014 08:39 PM IST
Updated Fri, 05 Sep 2014 08:39 PM IST
विज्ञापन
Flood havoc continues, 300 village surrounded in water

हफ्ते भर पहले तक सूखे की मार झेल रहे जम्मू कश्मीर में कुदरत ने ऐसी पलटी खाई कि लोग अब बारिश और बाढ़ से बेहाल हैं। जम्मू से लेकर श्रीनगर तक घाटी में हर तरफ बाढ़ से हुई बर्बादी के निशां दिखाई दे रहे हैं। किसी का घर छूटा तो किसी के खेत खलिहान पानी में डूब गए, कुछ बदनसीब ऐसे भी रहे जिनके अपने उनकी आंखों के सामने ही इस बाढ़ में बह गए और वो सिवाय देखते रहने के कुछ न कर पाए।

विज्ञापन


कुदरत के कहर के आगे हर कोई बेबस है। लोगों की मानें तो पिछले 30-35 सालों में उन्होंने बर्बादी का ऐसा मंजर नहीं देखा, बढ़े बुजुर्ग तो कहते हैं कि पिछले साठ सालों में बारिश से ऐसी तबाही नहीं आई। जम्मू की तवी से लेकर, अखनूर का चिनाब दरिया और श्रीनगर की झेलम सारी नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। लोग बेबस हैं और कुदरत नाराज।
विज्ञापन


कुदरत का बनाया स्वर्ग कहा जाने वाला जम्मू कश्मीर आज कुदरत की ही मार से बेजार है। बीते मंगलवार से शुरू हुई बारिश लोगों को बर्बाद करने पर तुली है। बारिश और बाढ़ का कहर ऐसा है कि अब तक 80 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, तो सैकडों लापता हैं, जबकि हजारों की आबादी जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

300 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में

Flood havoc continues, 300 village surrounded in water

घाटी के 300 से ज्यादा गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं, यहां लोग पल-पल मौत से संघर्ष कर रहे हैं। पूरी रियासत के नदी नाले रह-रह कर ऊफान मा रहे हैं मानों आज वो सबकुछ अपने आगोश में समा ले जाने को अमादा हैं। बाढ़ के इस कहर में हर किसी का अपना दर्द है। दो दिन पहले अपने परिवार और दर्जनों बारातियों के साथ दूल्हन लेने निकला एक दूल्हा भरी बस के साथ नदी में समा गया।

जिसका आज तक कुछ पता नहीं चल सका है। परिवार के जो लोग साथ थे वो बह गए, जो बचे उनकी सूनी आंखे दरवाजों पर ही टिकी हैं जाने कब कौन अपना लौट आए। मंगलवार को पुंछ में डोक में बैठा एक परिवार बारिश से बचने के लिए अंदर ही दुबका बैठा था लेकिन मौत ने वहां भी उसे अपनी आगोश में ले लिया। बारिश से धराशायी हुआ एक पेड़ डोक पर गिरा और चार बच्चों सहित उनकी मां की मौत्‍ा हो गई।

पुंछ के एक गांव में दर्जनभर लोग खड़े खड़े पुलस्त नदी में समा गए जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल सका है। घरवालों का रो रो कर बुरा हाल है, लेकिन कोई उन्हें दिलासा दे भी तो क्या। शायद उन्हें भी मालूम है कि अब शायद ही कोई लौट कर आ पाए।

बारिश खूब देखी लेकिन ऐसी बर्बादी कभी नहीं

Flood havoc continues, 300 village surrounded in water

राजौरी निवासी हनीफ आलम कहते हैं कि उम्र के छह दशक देख लिए लेकिन ऐसी बर्बादी कभी नहीं देखी। पुंछ में फलों का कारोबार करने वाले फुरकान भाई बताते हैं कि बहुत बारिश देखी लेकिन ऐसा आलम पहली बार देखा है। शहर की पुलस्त नदी का ऐसा डरावना रूप पहली बार देखने को मिल रहा है।

श्रीनगर निवासी बुजुर्ग शौकत मियां बताते हैं कि 70 साल की उम्र में मेरी याद में कभी ऐसा वाकया नहीं आया जब झेलम को इस तरह ऊफान मारते देखा हो। पता नहीं कितनी शाम इसके किनारे कटी हैं लेकिन आज इसको देखकर डर लग रहा है। कई दिन हो गए पानी शहर से उतरने का नाम ही नहीं ले रहा। बारिश खूब देखी लेकिन ऐसा आलम कभी नहीं देखा। दो दिन से अपने दोनों बेटों और पोते पोतियों के साथ एक स्कूल में शरण लिए हुए हैं। सेना वाले ही खाने पीने का सामान मुहैया करा रहे हैं।

बुजुर्ग शौकत मियां जैसी ही सैकडों कहानी आज घाटी की हकीकत बन गई है। जिधर देखो उधर पानी ही पानी नजर आ रहा है। ऐसा भी नहीं है कि इससे राहत मिलने की कुछ उम्‍मीद हो, क्योंकि अगले तीन दिन और ऐसे ही रहने की आशंका जताई जा रही है। एक बड़ी दिक्‍कत ये भी है कि लगातार बारिश के चलते राहत कार्यों में भी तेजी नहीं आ पा रही है। हालांकि हुक्मरान पूरी तैयारियों और लोगों को राहत देने की बात कर रहे हैं लेकिन हर कोई जानता है उनके वादों और इरादों की हकीकत।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed