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सांबा और कठुआ की तुलना में जम्मू में अधिक आपराधिक घटनाएं, फ्लोटिंग पापुलेशन से बढ़ रहा अपराध
Mon, 27 May 2019 09:12 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Mon, 27 May 2019 09:12 PM IST
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मंदिरों के शहर में अनजान लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। बेशक इसमें फ्लोटिंग पापुलेशन शामिल है। लेकिन एक सच यह भी है कि बड़ी तादाद में बाहरी राज्यों के लोग जम्मू में आकर रह रहे हैं। कश्मीर से बड़ी संख्या में लोग यहां रहने के लिए आ रहे हैं। इसकी वजह से शहर में अपराध का ग्राफ बढ़ा है।
जानकारी के अनुसार चरस और गांजा की तस्करी में शामिल अधिकतर तस्कर बाहरी राज्यों के हैं। जम्मू में चोरी की घटनाओं में भी बाहरी राज्यों के कुछ चोर सक्रिय हैं। जम्मू में आते हैं और चोरियों को अंजाम देकर नेपाल भाग जाते हैं। वहां पर चोरी का सामान बेच कर आते हैं।
इसके अलावा बाहरी राज्यों से जम्मू में रहने वाले मजदूर तबके में खुदकुशी के केस सामने आ रहे हैं। मारपीट की घटनाओं में भी यह शामिल हैं। रही बची कसर शहर में इन लोगों को वेरिफिकेशन नहीं होना है। शहर में रहने वाले 40 फीसदी लोगों का वेरिफिकेशन भी नहीं है।
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डीआईजी जम्मू सांबा कठुआ रेंज सुजित कुमार भी मानते हैं कि जम्मू में फ्लोटिंग पापुलेशन बढ़ रही है। आना जाना काफी लगा है। शहर में आपराधिक घटनाओं के पीछे यह भी एक कारण है। कई ऐसे लोग होते हैं, जो किसी घटना को अंजाम देकर बाहर चले जाते हैं। ऐसे लोगों को तलाश करने में दिक्कत पेश भी आती है।
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जानकारी के अनुसार चरस और गांजा की तस्करी में शामिल अधिकतर तस्कर बाहरी राज्यों के हैं। जम्मू में चोरी की घटनाओं में भी बाहरी राज्यों के कुछ चोर सक्रिय हैं। जम्मू में आते हैं और चोरियों को अंजाम देकर नेपाल भाग जाते हैं। वहां पर चोरी का सामान बेच कर आते हैं।
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इसके अलावा बाहरी राज्यों से जम्मू में रहने वाले मजदूर तबके में खुदकुशी के केस सामने आ रहे हैं। मारपीट की घटनाओं में भी यह शामिल हैं। रही बची कसर शहर में इन लोगों को वेरिफिकेशन नहीं होना है। शहर में रहने वाले 40 फीसदी लोगों का वेरिफिकेशन भी नहीं है।
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डीआईजी जम्मू सांबा कठुआ रेंज सुजित कुमार भी मानते हैं कि जम्मू में फ्लोटिंग पापुलेशन बढ़ रही है। आना जाना काफी लगा है। शहर में आपराधिक घटनाओं के पीछे यह भी एक कारण है। कई ऐसे लोग होते हैं, जो किसी घटना को अंजाम देकर बाहर चले जाते हैं। ऐसे लोगों को तलाश करने में दिक्कत पेश भी आती है।