Jammu Kashmir Weather: विश्व प्रसिद्ध गुलमर्ग में सीजन का पहला हिमपात, पर्यटन स्थलों ने खींचे सैलानियों के कदम
जम्मू-कश्मीर का ताज माने जाने वाले गुलमर्ग में वीरवार तड़के से ही बर्फबारी शुरू हो गई। इस सीजन के पहले हिमपात के साथ ही गुलमार्ग की वादियां सफेद चादर से ढक गई हैं और इससे यहां पर्यटन से जुड़े लोगों के चेहरों मुस्कान दिखी।
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विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। यहां बर्फबारी के बाद घाटी में मौजूद पर्यटकों ने गुलमर्ग व अन्य पर्यटन स्थलों का रुख करना शुरू कर दिया है। गुलमर्ग के साथ सोनामर्ग में बर्फबारी के बाद पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में भी कारोबार चमकने की आस जगी है। वहीं, हर बार की तरह इस बार भी पर्यटन विभाग विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई आयोजन करवाएगा।
जम्मू-कश्मीर का ताज माने जाने वाले गुलमर्ग में वीरवार तड़के से ही बर्फबारी शुरू हो गई। इस सीजन के पहले हिमपात के साथ ही गुलमार्ग की वादियां सफेद चादर से ढक गई हैं और इससे यहां पर्यटन से जुड़े लोगों के चेहरों मुस्कान दिखी। टूरिस्ट गाइड रियाज खटाना ने बताया कि इस बार गर्मियों में पर्यटकों की आमद ने कई रिकॉर्ड तोड़े।
जम्मू-कश्मीर में करीब एक करोड़ छह लाख पर्यटक इस साल घूमने के लिए आए, लेकिन अब आमद में कमी आ गई थी। उम्मीद है कि बर्फबारी के बाद सैलानी फिर से पर्यटन स्थलों का रुख करेंगे। कश्मीर में मौजूद पर्यटकों ने भी गुलमर्ग समेत अन्य पर्यटन स्थलों में आना शुरू कर दिया है। दिन भर वे यहां मन को मोह लेने वाले नजारों का आनंद लेते दिखे।
मुंबई से आए पर्यटक रोहित मित्रा ने कहा कि घाटी में यह उनका तीसरा दौरा है। इससे पहले वह गर्मियों में घूमने आ चुके हैं। अप्रैल में ट्यूलिप गार्डन देखने आए थे। तब और अब के नजारे में बहुत अंतर है। रोहित ने कहा, कश्मीर हर मौसम में अपनी एक अलग पहचान रखता है। आज जब हमें पता चला कि बर्फबारी हो रही है तो यहां आना बेहतर समझा और लाइव स्नोफाल का लुत्फ उठाया।
घाटी में कोई डर नहीं, स्थानीय नागरिक मददगार
उत्तर प्रदेश से आए एहतिशाम निजामी ने कहा, कश्मीर के बारे में जो कुछ सुना है, उससे कहीं अलग है। स्थानीय लोग काफी सहायक हैं और यहां किसी बात का डर नहीं। उन्होंने कहा कि धरती के स्वर्ग कश्मीर में एक बार जरूर यहां आना चाहिए। बर्फ पड़ते देख एक अलग ही अनुभव हुआ, ऐसा लग रहा था कि आसमान से सफेद रुईं गिर रही हो।
निजामी ने कहा कि बर्फ को छूने का एक अलग ही अहसास और अनुभव मिलता है। चारों ओर सफेद चादर देख एक ही बात याद आती है - ‘गर फिरदौस बर रुए जमीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त’ अर्थात अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं पर है और सिर्फ यहीं पर है।
कोरोना के दो साल बाद विदेशी पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी
पर्यटन विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस बार गर्मियों में कश्मीर में पर्यटकों के आगमन के आंकड़ों ने रिकॉर्ड तोड़े हैं। उम्मीद है कि विंटर टूरिज्म में भी यह रिकॉर्ड टूटेगा। उन्होंने कहा कि अब विदेशी मुल्कों ने भी एडवाइजरी हटा दी है। इससे विदेशी सैलानियों की यहां आने की बहुत ज्यादा उम्मीद है, जो बीते दो साल कोविड के कारण नहीं आ पाए।
अधिकारी ने बताया कि विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हर साल की तरह इस साल भी कई आयोजन किए जाएंगे। इनमें विंटर फेस्टिवल, स्कीइंग कार्निवाल, व्हाइट क्रिसमस, गुलमर्ग फेस्टिवल, न्यू ईयर फेस्टिवल आदि शामिल हैं।