भगवान के लिए गवाही देने को कोई तैयार नहीं
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दिनदहाड़े त्रिकुटानगर इलाके में भगवान शिव की प्रतिमा पर गोली चलाने का मामला लटकता जा रहा है, क्योंकि कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस को चश्मदीद गवाह नहीं मिल रहे हैं। पुलिस का दावा है कि मामले को आगे ले जाने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए हैं, लेकिन जरूरत के वक्त लोग पीछे हटते नजर आ रहे हैं।
मंदिर के पुजारी की ओर से भी टालमटोल की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन युवकों ने आगे बढ़कर कार का नंबर पहचानकर पुलिस को सूचना दी थी, उनकी ओर से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है, ऐसे में पुलिस के लिए कार्रवाई को आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा है।
मामले की छानबीन कर रहे एसपी साउथ राहुल मलिक के मुताबिक चश्मदीद गवाहों को सामने आना होगा, ताकि कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा सके। ऐसा नहीं होने पर पुलिस के लिए भी दिक्कत हो सकती है। पकड़े गए पुंछ जिले के सुरनकोट के सनाई गांव के रहने वाले दोनों आरोपी युवक पुलिस की हिरासत में है।
इस तरह से दिनदहाड़े गोली चलाने के मामले को गंभीरता के साथ देखा जा रहा है। इसलिए आरोपियों को तीन दिन तक ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) में भी रखा जा चुका है। पुलिस को अब इंतजार है कि जल्द से जल्द चश्मदीद गवाह सामने आएं और कार्रवाई को आगे बढ़ाकर मामले को कोर्ट के सामने पेश किया जा सके।
क्या था मामला
छह नवंबर को लॉ के सेकेंड सेमेस्टर का छात्र सईद शाहाद बुखारी और यासिर हुसैन ने 12 बोर की गन से त्रिकुटा नगर में शिव की मूर्ति पर गोली चला दी थी।
इससे मूर्ति का कुछ हिस्सा खंडित हो गया था। जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। दो घंटे बाद दोनों को अखनूर के घरोटा नाके से गिरफ्तार करके केस दर्ज लिया गया।
कहां चले गए हिंदू संगठन
एसएसपी उत्तम चंद ने प्रेस कान्फ्रेंस करके आरोपियों को दिमागी तौर से बीमार बताया था, इस बात के खिलाफ हिंदू संगठन शिव सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की दिमागी हालत खराब बताए जाने पर एतराज जताया था।
यही नहीं, काफी बवाल हुआ था और फिर गांधी नगर थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन अब जरूरत के वक्त चश्मदीद गवाहों कदम पीछे हटा रहे हैं।