जम्मू-कश्मीर: तय होने लगा भाजपा-गठबंधन सरकार का चेहरा
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भाजपा-पीडीपी गठबंधन की भावी सरकार का चेहरा तय होने लगा है। अनौपचारिक वार्ता के अंतिम दौर में दोनों दलों के वार्ताकार सरकार के प्रमुख पदों के बंटवारे पर बातचीत कर रहे हैं। गठबंधन सरकार के ब्लू प्रिंट तैयार किए जाने के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री पद पर भाजपा द्वारा फिर से दावे ने पीडीपी को चौंकाया है।
पीडीपी ने इस मुद्दे पर नए सिरे से बातचीत शुरू की है। पीडीपी पूरे छह साल के लिए मुख्यमंत्री का पद चाहती है। भाजपा ने रोटेशनल सीएम के मुद्दे की बात चलाई और इस पर लगभग सहमति बन गई।
सहमति के अनुसार पहले पीडीपी के मुफ्ती मोहम्मद और बाद में भाजपा का सीएम बनाने की दिशा में वार्ता आगे बढ़ रही थी। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक चैनल को इंटरव्यू में मुख्यमंत्री पद पर कोई फैसला नहीं होने की बात कही, इसके बाद अनौपचारिक वार्ता में इस मुद्दे पर बातचीत हो रही है।
बातचीत अब लेनदेन पर आ टिकी
न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर सहमति के बाद भाजपा और पीडीपी की बातचीत अब लेनदेन पर आ टिकी है। टेबुल पर औपचारिक वार्ता शुरू करने से पहले सीएम, डिप्टी सीएम और अहम मंत्रालयों के बंटवारे के मुद्दे को सुलझा लेने की कवायद तेज है।
अनौपचारिक बातचीत में तमाम मसले सुलझा लेने की कोशिश हो रही ताकि अधिकृत वार्ता में गठबंधन को आकार देते वक्त कोई बाधा पेश नहीं आए। भाजपा महासचिव राम माधव और पीडीपी के अधिकृत वार्ताकार डा. हसीब द्राबू आलाकमान की सलाह से सहमति ड्राफ्ट तैयार कर रहे हैं।
राम माधव और द्राबू ने राज्यपाल एन एन वोहरा से अलग-अलग मुलाकात कर गठबंधन पर हुई अबतक की बातचीत का ब्योरा दे दिया है। उसके बाद वार्ता सरकार के आकार और चेहरे पर हो रही है। राज्यसभा की चार सीटों के लिए 7 फरवरी को होने वाले मतदान के बाद सरकार बनाने का विधिवत दावा गवर्नर के समक्ष पेश किया जाना है।
कई अहम पदों के लिए फैसला होना बाकी
सूत्रों की मानें तो रोटेशनल सीएम से कम भाजपा मानने को तैयार नहीं है। इस पर सहमति के भी आसार हैं। इसी तरह भाजपा ने गृह और वित्त मंत्रालय के अलावा विधानसभा के स्पीकर के पद पर भी दावा किया है। पीडीपी की ओर से आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ डा. हसीब द्राबू को वित्त मंत्री का पद देने का दावा किया गया है।
संभव है भाजपा इस पर सहमत हो जाए। स्वास्थ्य, पीएचई जैसे मंत्रालय नेकां -कांग्रेस गठबंधन सरकार में कांग्रेस के पास थे। भाजपा का दावा इन मंत्रालयों पर भी है। पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर का कहना है कि पीडीपी के लिए सरकार में पद कोई अहम मुद्दा नहीं है। यह फोकस एरिया नहीं है। हम न्यूतम साझा कार्यक्रम पर ही जोर दे रहे हैं। एक बार सीएमपी बन जाए तो अन्य मुद्दों पर कोई जिच नहीं है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री जीतेन्द्र सिंह ने भाजपा विधायक दल और कोर ग्रुप के साथ बैठक कर राज्यसभा में भाजपा और पीडीपी के सभी चार प्रत्याशियों की जीत के लिए रणनीति बनाई है। राम माधव की निर्दलीय और अन्य विधायकों से बातचीत हो रही है।
पीडीपी की ओर से मुफ्ती मोहम्मद ने स्वयं कुछ निर्दलीय विधायकों से संपर्क साधा है। भाजपा-पीडीपी की यह कोशिश सफल होती है तो कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।