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जम्मू-कश्मीर: फारूक अब्दुल्ला बोले महबूबा मुफ्ती बहा रहीं मगरमच्छ वाले आंसू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 30 Jul 2018 02:02 AM IST
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने रियासत में विधायकों की खरीद फरोख्त की आशंका जताई है। उन्होंने विधानसभा को भंग कर चुनाव कराने की तैयारी शुरू किए जाने पर जोर दिया है।
अब्दुल्ला ने रविवार को खनेयार में नेकां कार्यकर्ताओं के अधिवेशन और श्रीनगर में जेएडंके रूरल डेवलपमेंट सोसायटी के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में महबूबा मुफ्ती कश्मीरियों के लिए चीफ टर्मिनेटर बनी रहीं। सत्ता से उतरने के बाद से वह मगरमच्छ वाले आंसू बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि महबूबा के आंसुओं का कश्मीर में अब कोई खरीदार नहीं है।
उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए महबूबा मुफ्ती ने भाजपा की हर बात मानी। इस वजह से कश्मीर में युवाओं की जमकर प्रताड़ना हुई। राज्य की स्वायत्तता और विशेष दर्जे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। महबूबा मुफ्ती भाजपा की तरफ से उन्हें सत्ता से उतारे जाने से पहले अगर रियासत के लोगों के हित में सत्ता से उतरतीं तो उनकी बात सुनी जाती, लेकिन सत्ता से बेदखल होने के बाद अब वह केवल ड्रामा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नेकां अनुच्छेद 35ए के साथ छेड़छाड़ नहीं होने देगी और अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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अब्दुल्ला ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि राज्यपाल शासन में विकास को प्राथमिकता देने के अलावा बिना किसी से भेदभाव किए काम हो रहे हैं। पंचायत चुनाव पर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्यपाल शासन की तरफ से जमीन तैयार होने दो। उसके बाद सियासी दल फैसले लेंगे कि वह तैयार हैं अथवा नहीं।
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अब्दुल्ला ने रविवार को खनेयार में नेकां कार्यकर्ताओं के अधिवेशन और श्रीनगर में जेएडंके रूरल डेवलपमेंट सोसायटी के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में महबूबा मुफ्ती कश्मीरियों के लिए चीफ टर्मिनेटर बनी रहीं। सत्ता से उतरने के बाद से वह मगरमच्छ वाले आंसू बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि महबूबा के आंसुओं का कश्मीर में अब कोई खरीदार नहीं है।
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उन्होंने कहा कि सत्ता में बने रहने के लिए महबूबा मुफ्ती ने भाजपा की हर बात मानी। इस वजह से कश्मीर में युवाओं की जमकर प्रताड़ना हुई। राज्य की स्वायत्तता और विशेष दर्जे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई। महबूबा मुफ्ती भाजपा की तरफ से उन्हें सत्ता से उतारे जाने से पहले अगर रियासत के लोगों के हित में सत्ता से उतरतीं तो उनकी बात सुनी जाती, लेकिन सत्ता से बेदखल होने के बाद अब वह केवल ड्रामा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नेकां अनुच्छेद 35ए के साथ छेड़छाड़ नहीं होने देगी और अपना संघर्ष जारी रखेगी।
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अब्दुल्ला ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि राज्यपाल शासन में विकास को प्राथमिकता देने के अलावा बिना किसी से भेदभाव किए काम हो रहे हैं। पंचायत चुनाव पर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्यपाल शासन की तरफ से जमीन तैयार होने दो। उसके बाद सियासी दल फैसले लेंगे कि वह तैयार हैं अथवा नहीं।