फ्रंट फुट पर आए फारूक, मुफ्ती पर साधा निशाना
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नेकां ने बाढ़ पीडि़तों के पुनर्वास के लिए अपना संघर्ष जारी रखने का फैसला किया है। पार्टी ने भाजपा और पीडीपी की गठबंधन सरकार की भर्ती नीति को बेरोजगार युवाओं के खिलाफ बताया है।
पूर्व के चुनावों के नतीजों को देखते हुए पार्टी को मजबूत बनाने के लिए रियासत में जल्द सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। श्रीनगर में पार्टी की कौर ग्रुप की बैठक में दूसरे दिन प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला ने कई प्रस्तावों पर मुहर लगाई।
विदेश में किडनी प्रत्यारोपण के बाद घाटी में पहुंचे डा. फारूक ने पार्टी की पहली कोर ग्रुप की बैठक में राज्य की गठबंधन सरकार पर सितंबर के बाढ़ पीडि़तों को पर्याप्त राहत और उनके पुनर्वास के लिए सुस्त गति से काम करने के लिए लताड़ा।
नेकां ने अपने कार्यकाल में पीडि़तों के पुनर्वास और राहत पैकेज को केंद्र में भेजा था। जिस पर मौजूदा गठबंधन सरकार अमल नहीं कर पाई है।
पीआरसीएस को वापस लिया जाए
फारूक ने सरकार के स्कूल स्तर पर स्थायी आवासीय प्रमाणपत्र (पीआरसीएस) को नियमों के खिलाफ बताते हुए सरकार से ऐसे फैसले को तत्काल वापस लेने पर जोर दिया।
उन्होंने राज्य सरकार की नई भर्ती नीति को पढ़े लिखे बेरोजगार युवाओं के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे लाखों युवाओं का शोषण बढ़ेगा। नेकां बेरोजगार युवाओं के साथ ऐसे निर्णयों को वापस लेने के लिए संघर्षरत है।
उन्होंने पार्टी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए शीघ्र राज्य स्तर पर सदस्यता अभियान चलाकर युवा, विद्यार्थियों और महिलाओं को शामिल करने के निर्देश दिए।
डा. फारूक ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कामकाज का जायजा लेते हुए कई राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा। बैठक में पार्टी के कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला आदि मौजूद रहे।