जेकेसीए घोटाले में फारूक अब्दुल्ला से ईडी ने की छह घंटे पूछताछ, बचाव में उतरीं महबूबा
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लंबी पूछताछ की। मामला जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में हुए 43 करोड़ रुपये के घोटाले का है। अब्दुल्ला से ईडी के आला अधिकारियों ने करीब छह घंटे तक पूछताछ की।
अब्दुल्ला बुधवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित ईडी कार्यालय में अपने वकील के साथ पहुंचे लेकिन ईडी ने उनके वकील को अंदर जाने से मना कर दिया। इसके बाद अब्दुल्ला अकेले ही ईडी कार्यालय में अधिकारियों के सामने गए।
43 करोड़ के घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी अधिकारियों ने पहले ही सवालों की लंबी लिस्ट बना रखी थी। अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री से 43.69 करोड़ रुपये का गबन के बारे में सवाल जवाब किए।
अब्दुल्ला ने घोटाले की जानकारी होने से साफ इंकार किया। उन्होंने कहा कि वह जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष थे। एसोसिएशन ने बीसीसीआई द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये क्रिकेट को बेहतर करने के लिए खर्च किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ज्यादातर सवालों पर अब्दुल्ला अधिकारियों के सामने चुप्पी साधे रहे। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद वह शाम साढ़े पांच बजे ईडी कार्यालय से बाहर आए।
इसके बाद अब्दुल्ला का काफिला ईडी कार्यालय से सेक्टर-3 की ओर रवाना हो गए। बता दें कि इससे पहले ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जनवरी वर्ष 2019 में भी जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से पूछताछ कर चुकी है।
जांच को लेकर महबूबा मुफ्ती ने कही ये बात
JK cricket scam is an old case that’s been under investigation for quite sometime. ED questioning Farooq sahab at a time when J&K mainstream parties are collectively standing up to protect its unique identity raises suspicions & questions.
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) https://twitter.com/MehboobaMufti/status/1156482369332772864?ref_src=twsrc%5Etfw">July 31, 2019
अगली स्लाइड में पढ़िए आखिर क्या है पूरा मामला...
श्रीनगर की चीफ जुडिशल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत के सामने सीबीआई ने सोमवार को जेकेसीए (जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन) के करोड़ों के घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला सहित चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई। मिली जानकारी के अनुसार आठ हजार पन्नों की चार्जशीट में डॉ. फारूक आरोपियों की सूची में चौथे स्थान पर हैं और आरोपियों के खिलाफ आरपीसी की धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार सीबीआई ने उस समय रहे जेकेसीए अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद सलीम खान (उस समय रहे जनरल सेक्टरी), एहसान अहमद मिर्जा (उस समय के खजांची) और बशीर अहमद मिसगर (जम्मू कश्मीर बैंक में एग्जीक्यूटिव) के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।
2002 से 2011 के बीच जेकेसीए को 112 करोड़ रुपये दिए गए
माजिद अहमद डार जोकि कश्मीर के एक क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं और साथ ही रणजी ट्रॉफी के लिए कोच और सिलेक्टर के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में जेकेसीए घोटाले को लेकर पीआईएल दर्ज की थी। सीबीआई द्वारा पेश की गई चार्जशीट के बाद माजिद ने कहा कि वह सीबीआई का शुक्रिया करना चाहते हैं।
यह क्रिकेट की जीत है, मैंने किसी शक्स के खिलाफ नहीं बल्कि घोटाले के खिलाफ पीआईएल दर्ज की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब कानून इसमें सही फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही थी और इसमें काफी समय लगने के बाद मैंने हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की और तेजी से जांच की मांग की।
गौरतलब है कि गत गुरुवार को श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने सीबीआई द्वारा पेश की गई चार्जशीट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था क्योंकि जांच टीम नामित समय पर सुनवाई पर पहुंचने में असफल रही थी। बता दें कि बीसीसीआई ने राज्य में क्रिकेट सुविधाओं के विकास के लिए 2002 से 2011 के बीच जेकेसीए को 112 करोड़ रुपये दिए और एजेंसी ने आरोप लगाया है कि इसमें 43.69 करोड़ का आरोपियों द्वारा दुरुपयोग किया गया था।