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जम्मू-कश्मीरः उमर से मिले फारूक, अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे गुलाम नबी आजाद सहित कई नेता

Sat, 14 Mar 2020 01:03 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 14 Mar 2020 01:03 PM IST
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Farooq Abdullah arrives at his residence after meeting Omar Abdullah
उमर से मिले फारूक अब्दुल्ला - फोटो : ANI

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने शनिवार को उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। उमर अब्दुल्ला से मिलने के बाद वह अपने आवास पर पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद फारूक अब्दुल्ला से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। साथ ही अकबर लोन व अल्ताफ ने भी फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की है।

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बता दें कि करीब सात महीने से अपने ही घर में नजरबंद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला को शुक्रवार को रिहा किया गया था। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को उन पर से जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) तत्काल प्रभाव से हटाया और फिर रिहा कर दिया गया। 
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रिहा होने के तुरंत बाद फारूक अब्दुल्ला ने उन सांसदों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी रिहाई के लिए लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि सारे नेताओं के रिहा होने के पश्चात ही वह भविष्य के बारे में कोई निर्णय ले पाएंगे। अब्दुल्ला ने कहा, मैं आजाद हूं...उम्मीद है कि बाकी नेता भी जल्द ही रिहा होंगे। सभी सांसदों का आभार जिन्होंने मेरी रिहाई के लिए लड़ाई लड़ी।

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अभी भी नजरबंद हैं उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता

इससे पहले केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव शालीन काबरा की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि श्रीनगर के उपायुक्त की ओर से 15 सितंबर को डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर लगाए पीएसए और फिर 13 दिसम्बर को इसकी अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाए जाने को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने से एक दिन पहले ही फारूक अब्दुल्ला को घर में नजरबंद कर दिया गया था।

बता दें कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई नेताओं को पीएसए के तहत हिरासत में लिया गया था। वहीं कल यानी कि शुक्रवार को हुई फारूक अब्दुल्ला की रिहाई से पहले कुछ अन्य नेताओं को भी छोड़ा गया था, लेकिन उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती समेत अभी भी कई नेता नजरबंद हैं।

गुलाम नबी आजाद ने सरकार पर लगाए ये आरोप

फारूक अब्दुल्ला से मिलने पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे पहले नजरबंद सभी नेताओं को रिहा किया जाए तब आगे की बातों के बारे में सोचेंगे। जिस राज्य के पूर्व तीन मुख्यमंत्री बंद हो वहां कैसी जम्हूरियत।उन्होंने कहा कि मैं अपने घरेलू रिश्ते और सभी सांसदों की ओर से फारूक अब्दुल्ला से मिलने आया हूं। साथ ही जो कुछ सांसदों द्वारा उनकी रिहाई के लिए प्रयास किए गए हैं उनसे अवगत करवाने आया हूं।

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को सात महीने से अधिक समय तक घर में नजरबंद रखा गया। हम अभी भी इसके पीछे के कारण को नहीं जानते। आजाद ने कहा कि उन्होंने ऐसा कौन का कार्य किया जिसके लिए उनको नजरबंद रखा गया।

इसके बाद आजाद ने कहा कि मैं दोस्ती के नाते उनसे मिलने के लिए यहां आया हूं। मैं यहां उन सभी सांसदों की तरफ से आया हूं, जिन्होंने फारूक साहब की रिहाई के बारे में बात की थी। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर हमें कश्मीर को खुश रखने की जरूरत है तो सभी नेताओं को रिहा करने की जरूरत है और सभी राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है।


इसके बाद उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि किसी भी विकास परियोजना पर कोई काम नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं पर्यटन चला गया, हस्तकला समाप्त हो गई। यहां तक कि जम्मू की हालत भी खराब हो गई है। इसका एक ही उपाय है कि सभी राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाए। साथ ही जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।

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