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कश्मीर को सियासी समस्या मान वार्ता शुरू करे दिल्ली: फारूक अब्दुल्ला
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 31 Mar 2017 02:52 PM IST
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डा. फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
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नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान एवं श्रीनगर संसदीय क्षेत्र से पार्टी के प्रत्याशी डा. फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को सावधान किया है कि वह लोगों को ताकत का अधिकतम प्रयोग करने के बजाय कश्मीर को राजनीतिक समस्या मान वार्ता शुरू करे। बडगाम में वीरवार को चुनावी बैठक को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कश्मीर को राजनीतिक समस्या माने बिना शांति की आशा नहीं की जा सकती।
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उन्होंने कहा स्थिरता और स्थायी शांति के लिए जरूरी है कि वार्ता की प्रक्रिया को शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कश्मीर समस्या है यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माना जा चुका है। ऐसे में पाकिस्तान व कश्मीर के लोगों के साथ वार्ता होनी चाहिए। सभी हितधारकों से बातचीत होनी चाहिए, ताकि रक्तपात के मौजूदा दौर से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढा जा सके। युवा लोगों का जब रक्त बहता है तो हम तड़पते हैं।
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उन्होंने कहा कि ताकत का ज्यादा प्रयोग करने से सुरक्षा बल मानवाधिकार का उल्लंघन करेंगे, जबकि समझने की बात यह है कि युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा किया जाना चाहिए। अगर नई दिल्ली यह समझती है कि पेलेट गन के प्रयोग से शांति आएगी तो वह मूर्खों की दुनिया में रह रहे हैं।
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर भी साधा निशाना
फारूक अब्दुल्ला
- फोटो : File Photo
उन्होंने कश्मीर में जारी हालात के लिए नई दिल्ली को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में बैठी पूर्ववर्ती सरकारें अपने वादों को पूरा करती तो कश्मीर में हालात इस कदर खराब नहीं होते।
उन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह सत्ता से बाहर होती हैं तो आतंकियों के मरने पर उनके घर जाकर आंसू बहाती हैं, जबकि अब वह लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर चुप हैं।
उन्होंने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह सत्ता से बाहर होती हैं तो आतंकियों के मरने पर उनके घर जाकर आंसू बहाती हैं, जबकि अब वह लोगों पर हो रहे अत्याचारों पर चुप हैं।