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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   farmers started collecting crop from their fields of border

सीमा पर हालात सुधरे तो धान की कटाई में जुट गए किसान

Fri, 04 Nov 2016 02:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Fri, 04 Nov 2016 02:51 PM IST
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farmers started collecting crop from their fields of border
धान की कटाई का काम जारी - फोटो : Demo Pic.

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिछले दो दिन से हालात में कुछ सुधार होते ही सीमावर्ती किसान धान की फसल काटने में जुट गए। तारबंदी के इस ओर सुरक्षित स्थानों पर धान की कटाई तेजी से जारी है। जान जोखिम में डालकर किसान हर हाल में फसल समेटकर घर लाने की कोशिश कर रहे हैं। 

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कृष्ण लाल, जगदीश राज, पुरुषोत्तम कुमार, वीर लाल का कहना है कि उनके परिवार का खर्च खेतीबाड़ी पर निर्भर है। इस समय सीमा पर जैसे हालात हैं कि उससे यह निश्चित भी नहीं है कि वह फसल को घर ला पाएंगे भी या नहीं। दो दिन से गोलाबारी बंद है ऐसे में किसान अधिक से अधिक फसल को समेटने में लगे हैं।
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हालांकि, पंजाब कंबाइन मशीनें यहां पहुंच गई हैं, लेकिन गोलाबारी की आशंका से प्रशासन इन मशीनों को खेतों की तरफ नहीं जाने दे रहा है। बाहरी राज्य से पहुंचे मजदूर भी सीमावर्ती क्षेत्र में धान की कटाई करने के लिए नहीं जा रहे हैं। धान की कटाई करने के लिए पहुंचे चरणजीत, उमा शंकर, बनवारी लाल का कहना है कि घर से मजदूरी करने के लिए आए हैं, पर सीमावर्ती क्षेत्र में जाकर जान जोखिम में नहीं डालना चाहते।

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मजदूर सीमावर्ती खेतों पर जाने के लिए तैयार नहीं

farmers started collecting crop from their fields of border
सीमा पर तनाव के बीच मुस्तैद जवान - फोटो : फाइल फोटो

अरनिया सेक्टर में ही यही हालात हैं। विश्वविख्यात बासमती खेतों में खड़ी है। मजदूर सीमावर्ती खेतों पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। अमरनाथ, रामकृष्ण, प्रकाश चंद, रघुवीर सिंह, पूर्ण चंद आदि ने कहा कि पिछले एक महीने से सीमा पर तनाव हैं।

धान की कटाई नहीं हो पा रही है। दूसरे राज्यों के जो कुछ श्रमिक बचे हैं, गोलाबारी के डर से वह भी वापस जाने को तैयार हैं। हालांकि, यहां भी कंबाइन मशीनें पहुंचे चुकी हैं, लेकिन वह भी सीमावर्ती खेतों में पर जाने के लिए तैयार नहीं हैं।

सीमा से सटे गांवों के लोग शिविरों में शरण लिए हैं। हर परिवार का एक या दो सदस्य ही घरों में रुक रहा है। उन्होंने बताया कि सीमा पार के अधिकतर किसानों ने अपनी फसल को घरों में पहुंचा लिया है। 

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