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कश्मीर घाटी में बंद नेताओं के परिवार वालों ने की जमानत अर्जी पेश
Wed, 27 Nov 2019 03:54 AM IST
Pranjal Dixit
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 27 Nov 2019 03:54 AM IST
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एमएलए हॉस्टल में जांच करने पहुंचे सुरक्षाबल
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से करीब साढ़े तीन महीने तक बंद रहे कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं को रिहा किए जाने के बाद अब अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के परिवार वालों की भी उम्मीद जागी है। श्रीनगर के एमएलए हॉस्टल में नजरबंद नेताओं के परिवार वालों ने मजिस्ट्रेट के सामने जमानत अर्जी पेश की है। साथ ही तत्काल रिहाई की मांग की है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े क्षेत्रीय दल नेशनल कॉफ्रेंस के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर के परिवार वालों ने संबंधित अधिकारियों के सामने उनकी रिहाई के लिए अर्जी पेश की है। इनके अलावा मजिस्ट्रेट के पास अन्य कई नेताओं के परिवार वालों ने भी अर्जी लगाई है। परिवारवालों ने बंद नेताओं की बिगड़ती सेहत का भी हवाला दिया है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर के पूर्व तीन मुख्यमंत्री डॉ. फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित अन्य कई नेताओं को पिछले करीब साढ़े तीन महीने से नजरबंद रखा गया है। डॉ. फारुख अब्दुल्ला को शांति के लिए खतरा बताते हुए उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत उनके घर में ही नजराबंद रखा गया। जबकि अन्य नेताओं को कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एहतियातन बंद रखा गया है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े क्षेत्रीय दल नेशनल कॉफ्रेंस के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर के परिवार वालों ने संबंधित अधिकारियों के सामने उनकी रिहाई के लिए अर्जी पेश की है। इनके अलावा मजिस्ट्रेट के पास अन्य कई नेताओं के परिवार वालों ने भी अर्जी लगाई है। परिवारवालों ने बंद नेताओं की बिगड़ती सेहत का भी हवाला दिया है।
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बता दें कि जम्मू कश्मीर के पूर्व तीन मुख्यमंत्री डॉ. फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती सहित अन्य कई नेताओं को पिछले करीब साढ़े तीन महीने से नजरबंद रखा गया है। डॉ. फारुख अब्दुल्ला को शांति के लिए खतरा बताते हुए उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत उनके घर में ही नजराबंद रखा गया। जबकि अन्य नेताओं को कानून व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एहतियातन बंद रखा गया है।
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एक महीने से कर रहे रिहाई की मांग
वहीं अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंद पड़े नेताओं के परिवार वाले पिछले करीब एक महीने से अधिक समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। कुछ नेताओं की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया, जबकि कुछ की अर्जी अभी भी ऐसे ही पड़ी हुई हैं। वहीं प्रशासन द्वारा कुछ नेताओं की रिहाई के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। माना जा रहा है कि कुछ और नेताओं को भी जल्द ही रिहा किया जाएगा।
वहीं अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बंद पड़े नेताओं के परिवार वाले पिछले करीब एक महीने से अधिक समय से उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। कुछ नेताओं की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया गया, जबकि कुछ की अर्जी अभी भी ऐसे ही पड़ी हुई हैं। वहीं प्रशासन द्वारा कुछ नेताओं की रिहाई के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। माना जा रहा है कि कुछ और नेताओं को भी जल्द ही रिहा किया जाएगा।