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उम्मीद की मशाल: उधमपुर में पूर्व सैनिक ने पेंशन के पैसे से बनवा दिया पुल

Mon, 18 Apr 2022 02:53 PM IST
kumar गुलशन कुमार शेर सिंह, उधमपुर
शेर सिंह, उधमपुर Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 18 Apr 2022 02:53 PM IST
सार

उधमपुर शहर में साकन बावली के रास्ते नाले में बाढ़ भी आती है। पूर्व सैनिक शाम लाल खजूरिया ने यहां पुल निर्माण शुरू करवाया।

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Ex serviceman sham lal Khajuria built bridge in Udhampur with pension money
बन कर तैयार पुल और पूर्व सैनिक शाम लाल खजूरिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेना में रहकर पहले देश की सेवा की और अब समाज सेवा में जुटे शाम लाल खजूरिया दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए हैं। भरे पूरे परिवार के मुखिया 87 वर्षीय पूर्व सैनिक अपनी पेंशन के पैसे से गरीब घर की बेटियों की शादी करवाते हैं। जरूरतमंदों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर लगवाते हैं। हाल ही में उन्होंने जोखिम भरे रास्ते से आवाजाही करने वाले लोगों के लिए अपनी पेंशन से जमा लाखों रुपये से पुल बनवा दिया।

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पूर्व सैनिक शाम लाल खजूरिया ने बताया कि रेलवे स्टेशन की तरफ पैदल जाने वाले यात्री जिस रूट से ट्रेन पकड़ने के लिए शार्ट कट अपनाते हैं, उस राह पर जोखिम था। नाला पार करते समय कई लोग हादसे का भी शिकार हुए। उन्होंने कहा कि यह देखकर पुल बनाने की ठानी। उधमपुर शहर में साकन बावली के रास्ते नाले में बाढ़ भी आती है। स्थानीय लोग कई बार प्रशासन से इस नाले पर पुल बनाने की मांग कर चुके थे लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। 
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आखिरकार पुल निर्माण शुरू करवाया और तीन लाख रुपये की लागत से कुछ ही महीनों में पुल बनकर तैयार हो गया। इस पुल से बड़ी संख्या में लोग बिना जोखिम के आवाजाही करते हैं। शाम लाल यह देखकर संतुष्टी जताते हैं। शाम लाल खजूरिया ने साकन बावली पर अपनी पेंशन की राशि से ही मंदिर का भी निर्माण किया है।
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पार्षद बहू को भी नहीं दी जानकारी
शाम लाल खजूरिया की बहु प्रीति खजूरिया वार्ड नंबर एक की पार्षद हैं। वह अक्सर बहू से पुल निर्माण के लिए कहते, लेकिन पुल का स्थान उनके वार्ड से बाहर था। इसलिए वह इसका निर्माण करवाने में सक्षम नहीं थी। शाम लाल खजूरिया ने बताया कि एक दिन उन्होंने बिना किसी को बताए पुल का निर्माण शुरू करवा दिया। पुल बन कर तैयार होने पर ही उन्होंने बेटे अश्वनी खजूरिया और बहू को पुल तैयार हो जाने की जानकारी दी। सभी हैरत में पड़ गए। विधिवत पूजन और उद्घाटन कर पुल का लोकार्पण कर दिया गया।

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