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42 दुकानें, छह वाणिज्यिक भवन गिराए, 40 कनाल जमीन से हटाया अतिक्रमण
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जम्मू। राजस्व विभाग और जिला प्रशासन ने बठिंडी (वेवमाल नरवाल) में हाईवे किनारे अतिक्रमण के खिलाफ वृहद अभियान चला कर 40 कनाल जमीन को कब्जामुक्त किया है। इस दौरान 46 दुकानें और छह बड़े वाणिज्यिक भवनों को जमीदोज किया गया गया। राजस्व विभाग के अनुसार 56 करोड़ रुपये की जमीन को कब्जामुक्त कर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। उधर, विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से गुस्साए दुकानदार और स्थानीय लोग हाईवे पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। इससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गईं। चार घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिस कारण वाहन चालकों, यात्रियों और खासकर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
जानकारी के अनुसार अलसुबह ही प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें पुलिस बल के साथ नरवाल पहुंच गई थीं। पौने पांच बजे अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू होते ही बवाल मच गया। इसी बीच कार्रवाई जारी रही और छह बजे तक बीस से ज्यादा दुकानें जमींदोज की जा चुकी थीं। नौ बजे के करीब दुकानों को भवनों की तोड़फोड़ होते देख दुकानदार और स्थानीय लोग हाईवे पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हाईवे पर टायर जलाए गए। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं।
आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुबह चार बजे जब लोग सो रहे थे तो विभागीय टीमों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों को बाहर नहीं आने दिया गया। तोड़फोड़ से करीब दो सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोगों ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और तानाशाही का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि विभाग की ओर से नोटिस भी नहीं मिला है। मिला होता तो पहले ही सामान निकाल लेते। प्रदर्शन चार घंटे से ज्यादा चला। अभियान के दौरान कुल 40 कनाल जमीन से अतिक्रमण को हटाया है। 46 दुकानें और छह बड़े वाणिज्य भवनों को गिराया गया है। राजस्व विभाग के अनुसार 56 करोड़ की जमीन वापस ली है, जहां साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं।
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अलसुबह से प्रशासनिक कार्रवाई, घटनाक्रम
- 4.30 बजे: टीम नरवाल में पहुंची
- 4:45 बजे: अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई शुरू
- 6:00 बजे: बीस से ज्यादा दुकानें तोड़ी
- 7:00 बजे: दुकानें तोड़ने के बाद बड़ी इमारतों को गिराया
- 8:00 बजे: लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया
- 9:00 बजे: चक्का जाम हो गया, वाहन फंस गए
- 1:00 बजे: फंसे ट्रकों को गंतव्य के लिए रवाना किया
लोगों ने समेटा सामान
अतिक्रमण अभियान खत्म होने के बाद लोग सामान समेटने में व्यस्त रहे। वाहनों में सामान को सुरक्षित स्थान में ले गए। अभियान के दौरान दुकानों के शटर, दीवारें तोड़ी गईं। कीमती सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। लोगों ने काफी रोष जताया है।
जमीन सरकारी है, तभी हटाया अतिक्रमण
राजस्व विभाग के अनुसार जमीन सरकारी है, जिसके दस्तावेज हैं। सरकारी आदेश के बाद कार्रवाई कर साइन बोर्ड लगाए गए हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में नहीं बैठ पाए अभ्यर्थी
हाईवे बंद होने पर सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी काफी परेशान दिखाई दिए। कई अभ्यर्थी पैदल ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। कुछ देरी से पहुंचे हैं। ऐसे में परीक्षा में नहीं बैठ पाए हैं।
पांच सदस्यीय टीम का होगा गठन
जिला प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित लोग सोमवार को जिला प्रशासन के समक्ष जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। लोगों का कहना है कि उनके पास जमीन के दस्तावेज हैं। यह स्टेट लैंड नहीं है। कहीं पर गलती हुई है।
मेटाडोर नहीं चली, पैदल चलने पर मजबूर हुए लोग
हाईवे बंद होने के बाद पुलिस ने रूट को डायवर्ट कर दिया। पनामा चौक, कासिम नगर चौक समेत अन्य मार्ग व्यस्त रहे। वाहनों को आवाजाही थम गई। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को सतवारी से नगरोटा की ओर डायवर्ट किया गया। वहीं, विक्रम चौक से बागे-ए-बाहु और नरवाल जाने वाले यात्रियों को कासिम नगर में उतारा गया। प्रदर्शन के दौरान मालवाहक वाहन फंसे रहे। जाम लगने के कारण लोगों को पैदल की सफर करना पड़ा है। इसी तरह पनामा चौक से भी गांधी नगर और आसपास इलाकों के लिए मेटाडोर नहीं आईं। सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को पेश आई है। यात्री रोशन, गोपाल और महेश ने बताया कि दिल्ली जाना है। मार्ग बंद होने के कारण पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
लोगों के साथ अन्याय हुआ है। कर्ज लेकर दुकानें चला रहे थे। विभाग को पहले नोटिस देने के बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। लोगों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
- शौबत अली, पार्षद, वार्ड 74
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जानकारी के अनुसार अलसुबह ही प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें पुलिस बल के साथ नरवाल पहुंच गई थीं। पौने पांच बजे अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू होते ही बवाल मच गया। इसी बीच कार्रवाई जारी रही और छह बजे तक बीस से ज्यादा दुकानें जमींदोज की जा चुकी थीं। नौ बजे के करीब दुकानों को भवनों की तोड़फोड़ होते देख दुकानदार और स्थानीय लोग हाईवे पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हाईवे पर टायर जलाए गए। दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं।
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आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सुबह चार बजे जब लोग सो रहे थे तो विभागीय टीमों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। लोगों को बाहर नहीं आने दिया गया। तोड़फोड़ से करीब दो सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोगों ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की और तानाशाही का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि विभाग की ओर से नोटिस भी नहीं मिला है। मिला होता तो पहले ही सामान निकाल लेते। प्रदर्शन चार घंटे से ज्यादा चला। अभियान के दौरान कुल 40 कनाल जमीन से अतिक्रमण को हटाया है। 46 दुकानें और छह बड़े वाणिज्य भवनों को गिराया गया है। राजस्व विभाग के अनुसार 56 करोड़ की जमीन वापस ली है, जहां साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं।
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अलसुबह से प्रशासनिक कार्रवाई, घटनाक्रम
- 4.30 बजे: टीम नरवाल में पहुंची
- 4:45 बजे: अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई शुरू
- 6:00 बजे: बीस से ज्यादा दुकानें तोड़ी
- 7:00 बजे: दुकानें तोड़ने के बाद बड़ी इमारतों को गिराया
- 8:00 बजे: लोगों ने इसका विरोध करना शुरू किया
- 9:00 बजे: चक्का जाम हो गया, वाहन फंस गए
- 1:00 बजे: फंसे ट्रकों को गंतव्य के लिए रवाना किया
लोगों ने समेटा सामान
अतिक्रमण अभियान खत्म होने के बाद लोग सामान समेटने में व्यस्त रहे। वाहनों में सामान को सुरक्षित स्थान में ले गए। अभियान के दौरान दुकानों के शटर, दीवारें तोड़ी गईं। कीमती सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। लोगों ने काफी रोष जताया है।
जमीन सरकारी है, तभी हटाया अतिक्रमण
राजस्व विभाग के अनुसार जमीन सरकारी है, जिसके दस्तावेज हैं। सरकारी आदेश के बाद कार्रवाई कर साइन बोर्ड लगाए गए हैं। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में नहीं बैठ पाए अभ्यर्थी
हाईवे बंद होने पर सब इंस्पेक्टर की परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी काफी परेशान दिखाई दिए। कई अभ्यर्थी पैदल ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचे। कुछ देरी से पहुंचे हैं। ऐसे में परीक्षा में नहीं बैठ पाए हैं।
पांच सदस्यीय टीम का होगा गठन
जिला प्रशासन की ओर से पांच सदस्यीय कमेटी का गठन करने का आश्वासन दिया है। रिपोर्ट के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित लोग सोमवार को जिला प्रशासन के समक्ष जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। लोगों का कहना है कि उनके पास जमीन के दस्तावेज हैं। यह स्टेट लैंड नहीं है। कहीं पर गलती हुई है।
मेटाडोर नहीं चली, पैदल चलने पर मजबूर हुए लोग
हाईवे बंद होने के बाद पुलिस ने रूट को डायवर्ट कर दिया। पनामा चौक, कासिम नगर चौक समेत अन्य मार्ग व्यस्त रहे। वाहनों को आवाजाही थम गई। अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को सतवारी से नगरोटा की ओर डायवर्ट किया गया। वहीं, विक्रम चौक से बागे-ए-बाहु और नरवाल जाने वाले यात्रियों को कासिम नगर में उतारा गया। प्रदर्शन के दौरान मालवाहक वाहन फंसे रहे। जाम लगने के कारण लोगों को पैदल की सफर करना पड़ा है। इसी तरह पनामा चौक से भी गांधी नगर और आसपास इलाकों के लिए मेटाडोर नहीं आईं। सबसे ज्यादा परेशानी रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को पेश आई है। यात्री रोशन, गोपाल और महेश ने बताया कि दिल्ली जाना है। मार्ग बंद होने के कारण पैदल सफर करने को मजबूर हैं।
लोगों के साथ अन्याय हुआ है। कर्ज लेकर दुकानें चला रहे थे। विभाग को पहले नोटिस देने के बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। लोगों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
- शौबत अली, पार्षद, वार्ड 74