जम्मू-कश्मीरः सोपोर में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़, दो दहशतगर्द ढेर, दो एके-47 बरामद
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो दहशतगर्द ढेर कर दिए गए हैं। सेना की 22-आरआर, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम अंजाम दिया। इसी के साथ इस साल अबतक 110 आतंकियों का सफाया हो गया है। वहीं, इस महीने सबसे अधिक 35 आतंकी मारे गए हैं।
| माह | मारे गए आतंकवादी |
|---|---|
| जनवरी | 18 |
| फरवरी | 07 |
| मार्च | 07 |
| अप्रैल | 28 |
| मई | 15 |
| जून | 35 |
| मारे गए कुल आतंकी | 110 |
बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में दो से तीन आतंकी मौजूद हैं। इस सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी करनी शुरू की। इस दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी।
इसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने भी मोर्चा संभाला। कई घंटे तक चली मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों ने सफलता पाई। मारे गए आतंकियों के पास से दो एके-47 बरामद हुई हैं।
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बता दें कि आतंकियों के सफाए से सीमा पार बैठे आतंकी सरगना बौखलाए हुए हैं। इसी बौखलाहट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ओर से सुरक्षाबलों को निशाना बनाए जाने की साजिश रची जा रही है। घाटी में खात्मे की कगार पर पहुंच चुके आतंकी संगठन आईईडी हमले करने की फिराक में हैं।
इस बात की जानकारी दो ही दिन पहले बडगाम में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि इनपुट मिला है कि आतंकी संगठन सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी विस्फोट कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे जवान पूरी तरह से सतर्क हैं।
सिंह ने कहा कि पाकिस्तान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को घुसपैठ कराने की फिराक में है। वह इन आतंकियों को नौशेरा, राजोरी, पुंछ, कुपवाड़ा और केरन सेक्टर से घुसपैठ कराना चाहता है। लेकिन हमारे जवान सतर्क हैं। सुरक्षाबलों के बीच बेहतरीन समन्वय है।
बता दें कि आतंकियों को घुसपैठ कराने के लिए ही पाकिस्तानी सेना संघर्षविराम का उल्लंघन कर रही है। सूत्रों के अनुसार फरवरी 2020 से लेकर अब तक पाकिस्तान ने अकेले राजोरी और पुंछ जिलों में एलओसी पर 270 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया। 30 से अधिक बार आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिश की, लेकिन हर बार सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया।