{"_id":"5c6230a8bdec2229d2397cd3","slug":"encounter-underway-between-terrorists-and-security-forces-in-ratnipora-area-of-pulwama-district","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में आतंकवादियों और सेना के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर, जवान शहीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में आतंकवादियों और सेना के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर, जवान शहीद
Tue, 12 Feb 2019 08:04 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 12 Feb 2019 08:04 AM IST
सार
- नवीद जट को भगाने वाला आतंकी मुठभेड़ में ढेर
- मारे गए आतंकी से हथियार व गोला-बारूद बरामद
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को हिजबुल मुजाहिदीन के एक आतंकी को मार गिराया। पुलिस के अनुसार यह लश्कर कमांडर नवीद जट को श्रीनगर के अस्पताल से भगाने का मुख्य षडयंत्रकारी था। ऑपरेशन में सेना का एक जवान भी शहीद हुआ है।
पुलवामा जिले के रतनीपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर मंगलवार तड़के करीब तीन बजे सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की। सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), पैरा कमांडो, 181 व 182 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी की ओर से घेराबंदी कर साझा तलाशी अभियान चलाया गया। इलाके में घेराबंदी सख्त होता देख छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। छह घंटे तक चली मुठभेड़ में हिजबुल के एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हाथ लगी। इस दौरान दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक बलजीत सिंह (दिंगर माजरा, करनाल-हरियाणा) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
आईजी एसपी पाणि ने बताया कि मारे गए आतंकी की शिनाख्त पुलवामा के बेघमबाग काकापोरा के हिलाल अहमद राथर उर्फ अबु जरार के तौर पर हुई है। वह कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका था और वांटेड आतंकी था। इसने पिछले वर्ष लश्कर के टॉप कमांडर नवीद जट को अस्पताल से भगाने में अहम भूमिका निभाई थी।
उस घटना का यह आतंकी मुख्य षड्यंत्रकारी था। मारे गए आतंकी से हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई है जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों ने बावजूद मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों ने समन्वय से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
विज्ञापन
पुलवामा जिले के रतनीपोरा इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर मंगलवार तड़के करीब तीन बजे सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी की। सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), पैरा कमांडो, 181 व 182 बटालियन सीआरपीएफ और एसओजी की ओर से घेराबंदी कर साझा तलाशी अभियान चलाया गया। इलाके में घेराबंदी सख्त होता देख छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
विज्ञापन
जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। छह घंटे तक चली मुठभेड़ में हिजबुल के एक आतंकी को मार गिराने में सफलता हाथ लगी। इस दौरान दो जवान घायल हो गए। इनमें से एक बलजीत सिंह (दिंगर माजरा, करनाल-हरियाणा) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
#ChinarCorpsCdr & all ranks salute the supreme sacrifice of Hav Baljeet Singh (50 RR), who was martyred in line of duty in #Pulwama on 12 Feb 2019 & offer condolences to the family. #Kashmir #IndianArmy @adgpi @NorthernComd_IA pic.twitter.com/Cbxv5dI6Wg
— Chinar Corps - Indian Army (@ChinarcorpsIA) February 12, 2019
आईजी एसपी पाणि ने बताया कि मारे गए आतंकी की शिनाख्त पुलवामा के बेघमबाग काकापोरा के हिलाल अहमद राथर उर्फ अबु जरार के तौर पर हुई है। वह कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुका था और वांटेड आतंकी था। इसने पिछले वर्ष लश्कर के टॉप कमांडर नवीद जट को अस्पताल से भगाने में अहम भूमिका निभाई थी।
उस घटना का यह आतंकी मुख्य षड्यंत्रकारी था। मारे गए आतंकी से हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई है जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि हिंसक प्रदर्शनों ने बावजूद मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षा बलों ने समन्वय से ऑपरेशन को अंजाम दिया।
चार वर्षों तक रहा था ओजीडब्ल्यू
मारा गया आतंकी 12वीं पास था। 28 नवंबर 2018 को छत्तरगाम बडगाम में हुई मुठभेड़ में नवीद जट के साथ ही मारा जाता, यदि आतंकी समर्थक भीड़ ने सुरक्षाबलों पर पथराव करते हुए उसे वहां से सुरक्षित भगाने में मदद न की होती। हिलाल अहमद राथर उर्फ अबु जरार शुरू में तीन-चार वर्षों तक आतंकियों के लिए ओजीडब्ल्यू के तौर पर काम करता था।
वर्ष 2016 में वह पहली बार पकड़ा गया, पर जल्द ही रिहा हो गया। उसके बाद उसके खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज हुए। बीते साल 6 फरवरी 2018 को जब श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल से पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट उर्फ अबु हंजाला फरार हुआ तो हिलाल का नाम दोबारा चर्चा में आया।
अस्पताल से नवीद को भगाने के लिए दो पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी। सूत्रों की मानें तो नवीद को भगाने की साजिश में हिलाल का साथ काकापोरा के मोहम्मद टिका खान, शकील अहमद भट, सईद तजुम्मल इस्लाम किरमानी और मोहम्मद शफी वानी ने दिया था।
वर्ष 2016 में वह पहली बार पकड़ा गया, पर जल्द ही रिहा हो गया। उसके बाद उसके खिलाफ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े कई मामले दर्ज हुए। बीते साल 6 फरवरी 2018 को जब श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल से पाकिस्तानी आतंकी नवीद जट उर्फ अबु हंजाला फरार हुआ तो हिलाल का नाम दोबारा चर्चा में आया।
अस्पताल से नवीद को भगाने के लिए दो पुलिसकर्मियों की हत्या की गई थी। सूत्रों की मानें तो नवीद को भगाने की साजिश में हिलाल का साथ काकापोरा के मोहम्मद टिका खान, शकील अहमद भट, सईद तजुम्मल इस्लाम किरमानी और मोहम्मद शफी वानी ने दिया था।