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Jammu News: इलेक्ट्राॅनिक कारोबार पर मौसम की मार
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलवायु परिवर्तन पर अर्थव्यवस्था पर असर दिखने लगा है। प्रदेश में मौसम का ट्रेंड बदलने से इलेक्ट्रॉनिक कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। मई तक पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का अधिक अहसास नहीं हुआ, जिससे पंखों, कूलर, फ्रिज और एसी की मांग में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई। कारोबारियों के अनुसार मई तक ही ठंडे उपकरणों को बेचने का सीजन रहता है, लेकिन मौसम से कारोबार पर ठंडा पड़ा है।
इंदिरा चौक पर इलेक्ट्राॅनिक कारोबार करने वाले विकास गुप्ता बताते हैं- करीब दस साल में ऐसा मौसम नहीं देखा। अमूमन मार्च में गर्मी बढ़ना शुरू हो जाती है और मई तक भीषण गर्मी का सीजन रहता है, जिसके बाद बरसात शुरू होती है। मगर इस साल मई में भी सिर्फ तीन दिन ही दिन का तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहा। हर तीसरे या चौथे दिन मौसम बदल रहा है, जिससे पारे में उछाल नहीं आ रहा। मार्च से मई तक सामान्य तौर पर कूलर और अप्रैल से जून तक एसी का सीजन रहता है। इस बार पचास प्रतिशत से नीचे उपकरणों की मांग रही।
मई के बाद आद्रता बढ़ने से एसी की मांग अधिक रहती है और वे भी अब आगामी मौसम पर ही निर्भर करेगी। लोगों की मांग को देखते हुए कंपनियों से माल भी कम मंगवाया है। फरवरी 2022 में उपकरणों की मांग बढ़ना शुरू हुई थी, जो मई तक सीजन में बिके थे, पर अब हालात खराब हैं। वीरपुर इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स बाड़ी ब्राह्मणा में पंखों और कूलर का उत्पादन करने वाले सुहाना इंटरप्राइजेज के अजय महाजन बताते हैं- इस बार सीजनल पंखों और कूलर की मांग में 70 से 80 प्रतिशत तक गिरावट आई है। करीब 12000 पंखे बेचते हैं, जो 2500 ही बिके। इसी तरह कूलर की मांग भी नहीं बढ़ी। सामान्य तौर पर पचास हजार कूलर बिकता है। अभी तक मात्र 15000 पीस ही निकले हैं। मौसम के बदले मिजाज का इलेक्ट्रॉनिक कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
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जलवायु परिवर्तन का मौसम पर असर ः निदेशक
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स के अनुसार जलवायु परिवर्तन का मौसम पर असर रहा है। इसमें अन्य कारण भी शामिल हो सकते हैं, प्रदूषण आदि। जम्मू सहित अन्य जिलों में मार्च से मई तक तापमान बढ़ता है, मगर यह प्रक्रिया नियमित तौर पर नहीं हुई। 29 और 30 मई को फिर मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। इस साल समय पर मानसून के पहुंचने की उम्मीद है।
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जम्मू। जलवायु परिवर्तन पर अर्थव्यवस्था पर असर दिखने लगा है। प्रदेश में मौसम का ट्रेंड बदलने से इलेक्ट्रॉनिक कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। मई तक पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का अधिक अहसास नहीं हुआ, जिससे पंखों, कूलर, फ्रिज और एसी की मांग में 50 प्रतिशत तक गिरावट आई। कारोबारियों के अनुसार मई तक ही ठंडे उपकरणों को बेचने का सीजन रहता है, लेकिन मौसम से कारोबार पर ठंडा पड़ा है।
इंदिरा चौक पर इलेक्ट्राॅनिक कारोबार करने वाले विकास गुप्ता बताते हैं- करीब दस साल में ऐसा मौसम नहीं देखा। अमूमन मार्च में गर्मी बढ़ना शुरू हो जाती है और मई तक भीषण गर्मी का सीजन रहता है, जिसके बाद बरसात शुरू होती है। मगर इस साल मई में भी सिर्फ तीन दिन ही दिन का तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहा। हर तीसरे या चौथे दिन मौसम बदल रहा है, जिससे पारे में उछाल नहीं आ रहा। मार्च से मई तक सामान्य तौर पर कूलर और अप्रैल से जून तक एसी का सीजन रहता है। इस बार पचास प्रतिशत से नीचे उपकरणों की मांग रही।
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मई के बाद आद्रता बढ़ने से एसी की मांग अधिक रहती है और वे भी अब आगामी मौसम पर ही निर्भर करेगी। लोगों की मांग को देखते हुए कंपनियों से माल भी कम मंगवाया है। फरवरी 2022 में उपकरणों की मांग बढ़ना शुरू हुई थी, जो मई तक सीजन में बिके थे, पर अब हालात खराब हैं। वीरपुर इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स बाड़ी ब्राह्मणा में पंखों और कूलर का उत्पादन करने वाले सुहाना इंटरप्राइजेज के अजय महाजन बताते हैं- इस बार सीजनल पंखों और कूलर की मांग में 70 से 80 प्रतिशत तक गिरावट आई है। करीब 12000 पंखे बेचते हैं, जो 2500 ही बिके। इसी तरह कूलर की मांग भी नहीं बढ़ी। सामान्य तौर पर पचास हजार कूलर बिकता है। अभी तक मात्र 15000 पीस ही निकले हैं। मौसम के बदले मिजाज का इलेक्ट्रॉनिक कारोबार पर सीधा असर पड़ा है।
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जलवायु परिवर्तन का मौसम पर असर ः निदेशक
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स के अनुसार जलवायु परिवर्तन का मौसम पर असर रहा है। इसमें अन्य कारण भी शामिल हो सकते हैं, प्रदूषण आदि। जम्मू सहित अन्य जिलों में मार्च से मई तक तापमान बढ़ता है, मगर यह प्रक्रिया नियमित तौर पर नहीं हुई। 29 और 30 मई को फिर मौसम के बिगड़ने के आसार हैं। इस साल समय पर मानसून के पहुंचने की उम्मीद है।