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बिजली की रिकॉर्ड खपत, महकमा हलकान
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
Updated Thu, 15 Jan 2015 01:33 AM IST
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अमूमन गरमी के मौसम में बिजली ढांचे की सांस फूलने लगती है, लेकिन इस बार सर्दी का सीजन नागवार गुजर रहा है।
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बिजली विभाग के सामने बढ़ते ओवरलोड की चुनौती वर्तमान में इस कदर विकराल हो गई है कि इससे पूर्व इतना लोड कभी भी दर्ज नहीं किया गया।
हालात ऐसे हैं कि कठुआ शहर ही नहीं पूरे जिले का लोड बिजली तंत्र को हलकान किए हुए है। कायदे से बिजली की कटौती का शेड्यूल आठ घंटे होना चाहिए, जबकि पिछले कई दिनों से कटौती का पैमाना बढ़कर दोगुना हो गया है।
हाल यही रहा तो आने वाले दिनों में बिजली संकट इससे भी ज्यादा गहरा सकता है। बिजली विभाग के ट्रांसमिशन विंग के आंकड़ों के अनुसार कठुआ जिले में बिजली आपूर्ति करने की क्षमता 280 मेगावाट है।
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शहर में बिजली की डिमांड 250 मेगावाट के आसपास है, जबकि इसकी तुलना में बिजली की आपूर्ति महज 160 मेगावाट ही की जा रही है।
हालत यह है कि भयंकर ठंड में अत्यधिक लोड की वजह से 160 मेगावाट का वितरण भी विभाग के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। कठुआ शहर में सामान्य तौर पर यहां का लोड पांच सौ एंपीयर के करीब होता है।
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वर्ष 2014 के मई, जून और जुलाई महीने में लोड सबसे ज्यादा रहा, जो अधिकतम 850 एंपीयर तक रिकॉर्ड किया गया। गर्मी के मौसम में घरेलू खपत के साथ सिंचाई के लिए खेतों में चलने वाले सैकड़ों पंप सेट भी अतिरिक्त लोड के लिए जिम्मेदार होते हैं।
चौंकाने वाली बात है कि सर्दी के मौसम की वजह से पिछले कुछ दिनों से शहर का लोड 950 अंपीयर तक के रिकॉर्ड स्तर को छू रहा है।
बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अचानक ठंड बढ़ने की वजह से भी लोड में वृद्धि हुई है। विभाग को अघोषित कटौती कर काम चलाना पड़ रहा है। रियासत के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से भी लगातार अतिरिक्त कटौती के निर्देश जारी हो रहे हैं।