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आठ साल बाद मिली आतंकी होने के आरोपों से मुक्ति

Sun, 31 Aug 2014 01:34 AM IST
Updated Sun, 31 Aug 2014 01:34 AM IST
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Eight years later got rid of terrorism charges

अभियोजन पक्ष की नाकामी के चलते शनिवार को प्रमुख सत्र न्यायाधीश भद्रवाह एमके शर्मा ने लश्कर के दो कथित आतंकियों को आरोप मुक्त करते हुए बरी कर दिया।

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जेएनएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अभियोजन पक्ष कोर्ट में मुश्ताक अहमद निवासी दांड़ी (भद्रवाह) और जहीर अब्बास निवासी डोडा पर लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर सका।
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पुलिस केस के मुताबिक दोनों आरोपी कथित लश्कर आतंकी हैं। पांच फरवरी, 2006 को पुलिस थाना भद्रवाह को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपियों ने रियासत में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले और कई हत्याओं में शामिल आतंकियों को शरण दी है।
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लिखित बयानों में स्वीकार किए थे आरोप

Eight years later got rid of terrorism charges

इस सूचना के आधार पर दोनों के खिलाफ 212 आरपीसी के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। दोनों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने दांडी के जंगलों में दो हैंड ग्रेनेड छिपाकर रखे हैं।

दोनों ने इस संबंध में लिखित बयान दिए थे। दोनों को उनकी बताई जगह पर जंगल में ले जाया गया और मुश्ताक अहमद की निशानदेही पर दो ग्रेनेड बरामद भी किए गए थे। सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दोनों के बयान दर्ज किए गए थे। इस आधार पर दोनों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी।

दोनों तरफ की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने पाया कि पुलिस को जहीर अब्बास से कोई असलाह बरामद नहीं हुआ है और न ही रिकार्ड के आधार पर उस पर लगाए गए आरोपों को साबित किया जा सका है। अभियोजन पक्ष तमाम आरोप साबित करने में नाकाम रहा है। लिहाजा, कोर्ट ने दोनों को आरोप मुक्त करते हुए बरी कर दिया।

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