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बिलाल के पिता का खुलासा, दिवाली पर अम्मी को ग्रेटर नोएडा बुलाना चाहता था एहतेशाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 07 Nov 2018 01:44 AM IST
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ehtisham bilal
- फोटो : फाइल
‘मुझे पता होता कि एहतेशाम बिलाल कश्मीर आना चाहता है तो मैं उसे यहां आने नहीं देता। उसने किसी को भी कश्मीर जाने की जानकारी नहीं दी। वह तो अपनी अम्मी को दिवाली की छुट्टियों में ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाके में घुमाना चाहता था। उसने इसके लिए अपनी अम्मी को तैयार भी कर लिया था, लेकिन मां-बेटे का सपना अधूरा रह गया।’ यह बातें शारदा विश्वविद्यालय के छात्र एहतेशाम बिलाल के पिता बिलाल सोफी ने बेटे के आतंकी संगठन से जुड़ने के दावे के बाद ‘अमर उजाला’ से मंगलवार को फोन पर कहीं। उन्होंने विवि प्रबंधन पर मौखिक और लिखित शिकायत के बावजूद हॉस्टल नहीं बदलने पर आरोप भी लगाया।
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एहतेशाम के पिता ने कहा कि 28 अक्तूबर को उनका बेटा शारदा विवि में पढ़ने वाले चचेरे भाई से दिल्ली में अपने दोस्त से मिलने की बात कहकर गया था। उसने दिल्ली पहुंचने और फिर दोस्त के कमरे पर जाने की बात भी कही थी। उसका श्रीनगर आने का कोई कार्यक्रम भी नहीं था। अगर उसके श्रीनगर आने की बात उन्हें पता चल जाती तो वह उसे नहीं आने देते। उसने अचानक श्रीनगर आने का फैसला कैसे कर लिया, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जो ऑडियो और फोटो वायरल हुआ है, उसके संबंध में भी कश्मीर के एक आला अधिकारी ने कहा है कि इस पर अधिक विश्वास नहीं किया जा सकता। यह बड़ा सवाल है कि उसका वीडियो क्यों जारी नहीं किया गया। बिलाल किन हालात में है, इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस श्रीनगर आई थी और सोमवार को थाने में उनसे मिली थी। उन्होंने पुलिस से अधिक बात नहीं की।
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वर्धमान से मंडेला हॉस्टल में रहना चाहता था
बिलाल सोफी ने बताया कि उनका बेटा विवि में वर्धमान हॉस्टल में रहता था। वह अपना हॉस्टल बदलने के लिए काफी जिद कर रहा था। वह मंडेला हॉस्टल में रहना चाहता था। यहां कश्मीरी छात्र अधिक रहते हैं। एहतेशाम ने स्वयं प्रबंधन को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत भी की थी। इसके लिए उन्होंने भी दो बार फोन कर प्रबंधन से हॉस्टल बदलने के लिए कहा था। इसके बावजूद प्रबंधन ने कोई सुनवाई नहीं की।
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पुलिस अब भी असमंजस में
एहतेशाम बिलाल के आतंकी संगठन से जुड़ने की अब तक यूपी पुलिस के किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। डीजीपी ने तीन दिन पहले कहा था कि अभी इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। अब तक भी यूपी पुलिस इस मामले को लेकर असमंजस में है। हालांकि एटीएस और अन्य एजेंसियां भी मामले की जांच कर रही हैं। वहीं, नॉलेज पार्क पुलिस श्रीनगर गई टीम के लौटने के बाद गुमशुदगी की जांच बंद करने की तैयारी में है।
‘उसी समय दे दिया था अस्थायी विकल्प’
इस संबंध में शारदा विवि के ज्वाइंट रजिस्ट्रार अजित कुमार का कहना है कि छात्रों को मेरिट के आधार पर छात्रावास दिया जाता है। फिर भी बिलाल के अभिभावकों के कहने पर उसे अस्थायी तौर पर दूसरा विकल्प उसी समय दे दिया गया था। कोई और कमरा खाली होते ही उसे शिफ्ट करने का प्लान था।
‘उसी समय दे दिया था अस्थायी विकल्प’
इस संबंध में शारदा विवि के ज्वाइंट रजिस्ट्रार अजित कुमार का कहना है कि छात्रों को मेरिट के आधार पर छात्रावास दिया जाता है। फिर भी बिलाल के अभिभावकों के कहने पर उसे अस्थायी तौर पर दूसरा विकल्प उसी समय दे दिया गया था। कोई और कमरा खाली होते ही उसे शिफ्ट करने का प्लान था।