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Jammu News: शिक्षकों के तबादले की नई नीति लागू, ड्राफ्ट की कई शर्तें बदलीं
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शासन-प्रशासन के लिए
- दुर्गम इलाकों में सेवा करने वालों को पहले मौका, 55 साल से अधिक उम्र, महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों के बढ़े अंक
- एसआरओ-202 के कर्मचारियों के पांच साल वाले नियम को हटाया, आसान इलाकों में आपसी तबादले पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के तबादलों के लिए नई नीति लागू कर दी है। इससे पहले नीति का मसौदा जारी कर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। अंतिम नीति में स्कूलों को पांच जोन में बांटकर तबादले की प्राथमिकता तय की गई है। दुर्गम इलाकों में सेवा करने वालों को पहले मौका मिलेगा। उम्र, महिला, दिव्यांगता और अन्य आधारों पर मिलने वाले अंकों में भी बदलाव किया गया है। वहीं मसौदे की कुछ अहम शर्तें अंतिम नीति में हटा दी गई हैं।
नीति में स्कूलों को पांच जोन में बांटा गया है। जोन-1, 2 और 3 में तीन साल, जोन-4 में दो साल और जोन-5 में एक साल का कार्यकाल होगा। जोन-5 में एक साल पूरा करने के बाद कर्मचारी को आम तौर पर वहां से बाहर तबादला किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को जोन-1 और 2 में खाली पदों पर पहले मौका मिलेगा। तबादले में किस कर्मचारी को पहले मौका मिलेगा, यह तय करने के लिए अंक दिए जाएंगे। जोन-5 में सेवा के हर पूरे साल के चार अंक मिलेंगे, अधिकतम 24 अंक। जोन-4 में हर साल दो अंक और अधिकतम 10 अंक मिलेंगे। 55 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को आठ अंक, विधवा, तलाकशुदा और एकल अभिभावक महिला कर्मचारियों को आठ अंक और दिव्यांग कर्मचारियों को 15 अंक तक मिलेंगे। गंभीर बीमारी के लिए 10 अंक मिलेंगे। मसौदे में एसआरओ-202 के तहत नियुक्त कर्मचारियों के लिए मूल पद पर पांच साल की सेवा पूरी करना जरूरी था। अंतिम नीति में यह शर्त हटा दी गई है।
अंतिम नीति में तबादले की प्रक्रिया के लिए दो समय-सारिणियां दी गई हैं। पहली अप्रैल से जुलाई और दूसरी अक्टूबर से फरवरी तक है। जरूरत पड़ने पर विभाग इन तारीखों में बदलाव कर सकेगा।
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आसान जोन में आपसी तबादले पर रोक
जोन-1, 2 और 3 में आपसी तबादले आम तौर पर नहीं होंगे। दूसरे कैडर में आपसी तबादले के लिए समान योग्यता और समान श्रेणी की सेवा जरूरी होगी। तबादले के बाद कम से कम तीन साल उसी जगह सेवा करनी होगी। विवाह के कारण दूसरे कैडर में तबादले के लिए मूल जिला या संभागीय कैडर में कम से कम पांच साल की सेवा जरूरी होगी। इसके लिए दोनों पति-पत्नी के निवास प्रमाण और विवाह प्रमाणपत्र देना होगा।
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सेवानिवृत्ति के करीब वालों को राहत
58 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को आम तौर पर जोन-4 और 5 में तैनात नहीं किया जाएगा। सेवानिवृत्ति में छह महीने से कम समय बचने पर जहां तक संभव हो, कर्मचारी को घर के पास तैनाती देने को प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा होने और सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी प्राथमिकता के आधार पर तबादले की व्यवस्था है। किसी स्कूल में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पाए गए तो उन्हें तय कार्यकाल पूरा होने का इंतजार नहीं करना होगा। ऐसे कर्मचारियों को स्टाफ की कमी वाले दूसरे स्कूलों में भेजा जा सकेगा।
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- दुर्गम इलाकों में सेवा करने वालों को पहले मौका, 55 साल से अधिक उम्र, महिलाओं और दिव्यांग कर्मचारियों के बढ़े अंक
- एसआरओ-202 के कर्मचारियों के पांच साल वाले नियम को हटाया, आसान इलाकों में आपसी तबादले पर रोक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के तबादलों के लिए नई नीति लागू कर दी है। इससे पहले नीति का मसौदा जारी कर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। अंतिम नीति में स्कूलों को पांच जोन में बांटकर तबादले की प्राथमिकता तय की गई है। दुर्गम इलाकों में सेवा करने वालों को पहले मौका मिलेगा। उम्र, महिला, दिव्यांगता और अन्य आधारों पर मिलने वाले अंकों में भी बदलाव किया गया है। वहीं मसौदे की कुछ अहम शर्तें अंतिम नीति में हटा दी गई हैं।
नीति में स्कूलों को पांच जोन में बांटा गया है। जोन-1, 2 और 3 में तीन साल, जोन-4 में दो साल और जोन-5 में एक साल का कार्यकाल होगा। जोन-5 में एक साल पूरा करने के बाद कर्मचारी को आम तौर पर वहां से बाहर तबादला किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को जोन-1 और 2 में खाली पदों पर पहले मौका मिलेगा। तबादले में किस कर्मचारी को पहले मौका मिलेगा, यह तय करने के लिए अंक दिए जाएंगे। जोन-5 में सेवा के हर पूरे साल के चार अंक मिलेंगे, अधिकतम 24 अंक। जोन-4 में हर साल दो अंक और अधिकतम 10 अंक मिलेंगे। 55 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को आठ अंक, विधवा, तलाकशुदा और एकल अभिभावक महिला कर्मचारियों को आठ अंक और दिव्यांग कर्मचारियों को 15 अंक तक मिलेंगे। गंभीर बीमारी के लिए 10 अंक मिलेंगे। मसौदे में एसआरओ-202 के तहत नियुक्त कर्मचारियों के लिए मूल पद पर पांच साल की सेवा पूरी करना जरूरी था। अंतिम नीति में यह शर्त हटा दी गई है।
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अंतिम नीति में तबादले की प्रक्रिया के लिए दो समय-सारिणियां दी गई हैं। पहली अप्रैल से जुलाई और दूसरी अक्टूबर से फरवरी तक है। जरूरत पड़ने पर विभाग इन तारीखों में बदलाव कर सकेगा।
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आसान जोन में आपसी तबादले पर रोक
जोन-1, 2 और 3 में आपसी तबादले आम तौर पर नहीं होंगे। दूसरे कैडर में आपसी तबादले के लिए समान योग्यता और समान श्रेणी की सेवा जरूरी होगी। तबादले के बाद कम से कम तीन साल उसी जगह सेवा करनी होगी। विवाह के कारण दूसरे कैडर में तबादले के लिए मूल जिला या संभागीय कैडर में कम से कम पांच साल की सेवा जरूरी होगी। इसके लिए दोनों पति-पत्नी के निवास प्रमाण और विवाह प्रमाणपत्र देना होगा।
सेवानिवृत्ति के करीब वालों को राहत
58 साल या उससे अधिक उम्र के कर्मचारियों को आम तौर पर जोन-4 और 5 में तैनात नहीं किया जाएगा। सेवानिवृत्ति में छह महीने से कम समय बचने पर जहां तक संभव हो, कर्मचारी को घर के पास तैनाती देने को प्राथमिकता दी जाएगी। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, विधवा होने और सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी प्राथमिकता के आधार पर तबादले की व्यवस्था है। किसी स्कूल में जरूरत से ज्यादा शिक्षक पाए गए तो उन्हें तय कार्यकाल पूरा होने का इंतजार नहीं करना होगा। ऐसे कर्मचारियों को स्टाफ की कमी वाले दूसरे स्कूलों में भेजा जा सकेगा।