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Jammu News: जम्मू विश्वविद्यालय से अब ग्रामीण अध्ययन पर भी पीएचडी
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नोट: संशोधित खबर
- चार वर्ष के स्नातक कार्यक्रम में पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन को भी मंजूरी
- रियासी कैंपस में राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री भी होगी
जेयू की मौजूदा आईटी एवं खेल नीति की जगह नई नीति अपनाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से जम्मू विश्वविद्यालय के रियासी कैंपस में राजनीति विज्ञान में दो साल के मास्टर डिग्री कार्यक्रम की शुरुआत करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विवि मौजूदा खेल और आईटी नीति की जगह नई नीति को अपनाएगा। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में पर्यटन एवं यात्रा कार्यक्रम को भी शामिल किया जाएगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शामिल होगा। ग्रामीण अध्ययन में पीएचडी कराने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। यह तमाम फैसले जम्मू विश्वविद्यालय के अकादमिक परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में लिए गए हैं।
परिषद ने हाल ही में कराए गए काॅलेज ऑन व्हील्स कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को अतिरिक्त क्रेडिट देने की मंजूरी भी दी। शुक्रवार को बैठक में वीसी प्रो. उमेश राय के अलावा अकादमिक मामलों की डीन प्रो. अंजू भसीन, रिसर्च स्टडीज की डीन प्रो. नीलू रोहमेत्रा, रजिस्ट्रार प्रो. राहुल गुप्ता भी मौजूद रहे। प्रो. राय ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय ने एक नया अभिनव कार्यक्रम डिजाइन योर डिग्री शुरू किया है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों से सराहना मिली है। शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल की संसदीय स्थायी समिति ने डिजाइन योर डिग्री पहल का समर्थन करते हुए और यूजीसी को देश के अन्य विश्वविद्यालयों में इसी तरह का कार्यक्रम अपनाने की सिफारिश की है।
कहा कि एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट्स में विश्वविद्यालय के छात्रों का नामांकन शुरू कर दिया गया है और छात्रों के 30000 से अधिक खाते बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय ई-गवर्नेंस पहल के साथ तैयार है जिसमें कर्मचारी प्रबंधन प्रणाली, व्यक्तिगत सूचना प्रणाली, शिकायत प्रबंधन प्रणाली, अवकाश प्रबंधन प्रणाली, इन्वेंटरी प्रबंधन प्रणाली, कोर संचार प्रणाली, गेस्ट हाउस प्रबंधन आदि शामिल हैं। जम्मू विश्वविद्यालय ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में काफी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और इस गति को नए जोश और टीम भावना के साथ बनाए रखना होगा। शिक्षाविदों, परीक्षाओं और अनुसंधान से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के दौरान सभी सदस्यों की निरंतर और सक्रिय भागीदारी की मांग करते हुए प्रो राय ने कहा कि आगे के लिए विभिन्न शैक्षणिक निकायों द्वारा निर्धारित विधियों और प्रक्रियाओं की पुष्टि के लिए इन मामलों की गहन जांच की जानी चाहिए। इस मौके पर रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने विवि द्वारा लगभग 28 एजेंडा आइटम प्रस्तुत किए गए। पिछली अकादमिक परिषद के प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट के साथ-साथ प्रत्येक एजेंडा आइटम पर गहन चर्चा की गई।
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- चार वर्ष के स्नातक कार्यक्रम में पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन को भी मंजूरी
- रियासी कैंपस में राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री भी होगी
जेयू की मौजूदा आईटी एवं खेल नीति की जगह नई नीति अपनाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से जम्मू विश्वविद्यालय के रियासी कैंपस में राजनीति विज्ञान में दो साल के मास्टर डिग्री कार्यक्रम की शुरुआत करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा विवि मौजूदा खेल और आईटी नीति की जगह नई नीति को अपनाएगा। चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम में पर्यटन एवं यात्रा कार्यक्रम को भी शामिल किया जाएगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शामिल होगा। ग्रामीण अध्ययन में पीएचडी कराने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। यह तमाम फैसले जम्मू विश्वविद्यालय के अकादमिक परिषद की शुक्रवार को हुई बैठक में लिए गए हैं।
परिषद ने हाल ही में कराए गए काॅलेज ऑन व्हील्स कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों को अतिरिक्त क्रेडिट देने की मंजूरी भी दी। शुक्रवार को बैठक में वीसी प्रो. उमेश राय के अलावा अकादमिक मामलों की डीन प्रो. अंजू भसीन, रिसर्च स्टडीज की डीन प्रो. नीलू रोहमेत्रा, रजिस्ट्रार प्रो. राहुल गुप्ता भी मौजूद रहे। प्रो. राय ने कहा कि इस शैक्षणिक सत्र से विश्वविद्यालय ने एक नया अभिनव कार्यक्रम डिजाइन योर डिग्री शुरू किया है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों से सराहना मिली है। शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल की संसदीय स्थायी समिति ने डिजाइन योर डिग्री पहल का समर्थन करते हुए और यूजीसी को देश के अन्य विश्वविद्यालयों में इसी तरह का कार्यक्रम अपनाने की सिफारिश की है।
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कहा कि एकेडमिक बैंक आफ क्रेडिट्स में विश्वविद्यालय के छात्रों का नामांकन शुरू कर दिया गया है और छात्रों के 30000 से अधिक खाते बनाए गए हैं। विश्वविद्यालय ई-गवर्नेंस पहल के साथ तैयार है जिसमें कर्मचारी प्रबंधन प्रणाली, व्यक्तिगत सूचना प्रणाली, शिकायत प्रबंधन प्रणाली, अवकाश प्रबंधन प्रणाली, इन्वेंटरी प्रबंधन प्रणाली, कोर संचार प्रणाली, गेस्ट हाउस प्रबंधन आदि शामिल हैं। जम्मू विश्वविद्यालय ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में काफी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और इस गति को नए जोश और टीम भावना के साथ बनाए रखना होगा। शिक्षाविदों, परीक्षाओं और अनुसंधान से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श के दौरान सभी सदस्यों की निरंतर और सक्रिय भागीदारी की मांग करते हुए प्रो राय ने कहा कि आगे के लिए विभिन्न शैक्षणिक निकायों द्वारा निर्धारित विधियों और प्रक्रियाओं की पुष्टि के लिए इन मामलों की गहन जांच की जानी चाहिए। इस मौके पर रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता ने विवि द्वारा लगभग 28 एजेंडा आइटम प्रस्तुत किए गए। पिछली अकादमिक परिषद के प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट के साथ-साथ प्रत्येक एजेंडा आइटम पर गहन चर्चा की गई।
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