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परवाज योजना में शहीदों के आश्रितों और गरीब परिवारों के बच्चों के लिए 10 सीटें आरक्षित
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सशस्त्र बलों के जवानों और गरीब परिवारों के बच्चों को परवाज पहल के तहत 10 सीटों का आरक्षण दिया जाएगा। परवाज का उद्देश्य आईएएस, जेकेएएस, एनईईटी और जेईई परीक्षाओं के लिए युवाओं को निशुल्क कोचिंग देना है। मिशन यूथ सुपर 75, सुपरबी 75, नवपरिवर्तन और विश्वविद्यालय सहयोग जैसी पहल के माध्यम से युवाओं के शैक्षिक विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को नागरिक सचिवालय में मिशन यूथ की दूसरी गवर्निंग बाडी की बैठक में जोर देने वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने वाली विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दी।
उप राज्यपाल द्वारा मंजूर की गई योजनाओं में मौजूदा आजीविका सृजन कार्यक्रमों का लक्षित कार्यान्वयन, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवासीय कोचिंग संस्थानों की स्थापना, जम्मू कश्मीर के सभी बीस जिलों में जिला युवा केंद्रों की स्थापना और संचालन, शिक्षा, कॅरिअर परामर्श और बाजार संचालित कौशल विकास कार्यक्रम, मनोरंजन, सामाजिक जुड़ाव और खेल, युवा नवोन्मेष संवर्धन कार्यक्रम, 3600 इंडेक्सिंग ऑफ थ्री मिलियन यूथ शामिल हैं। उप राज्यपाल ने कहा कि यूटी प्रशासन लक्षित योजनाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में युवा कौशल और स्वरोजगार पर विशेष जोर दे रहा है। हितधारकों से युवा सशक्तीकरण और कौशल कार्यक्रमों/योजनाओं में कारपोरेट जुड़ाव बढ़ाने के लिए सभी रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया। यूटी की प्रत्येक पंचायत के युवाओं को कवर करने के लिए मुमकिन योजना का विस्तार किया जाएगा।
युवाओं को कुशल बनाने के लिए कंपनियों से करार
मिशन यूथ के सीईओ डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि 2021-22 के दौरान 12000 से अधिक लड़कियों सहित 30000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष आजीविका साधन उपलब्ध कराया गया है। मिशन यूथ बीएफएसआई, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उच्च रोजगार क्षमता वाले क्षेत्रों में युवाओं को कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से बीएसई संस्थान, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, अशोक लीलैंड, विप्रो आदि सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों के साथ भागीदारी की है। 10 हजार से अधिक युवाओं को बाजार संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वर्ष 2021-22 के दौरान 2022 वाहनों के लक्ष्य के मुकाबले युवाओं को स्वरोजगार के लिए 3651 वाहन उपलब्ध कराए गए। सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में शामिल करने के लिए भर्ती प्रशिक्षण दिया गया।
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उप राज्यपाल द्वारा मंजूर की गई योजनाओं में मौजूदा आजीविका सृजन कार्यक्रमों का लक्षित कार्यान्वयन, प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आवासीय कोचिंग संस्थानों की स्थापना, जम्मू कश्मीर के सभी बीस जिलों में जिला युवा केंद्रों की स्थापना और संचालन, शिक्षा, कॅरिअर परामर्श और बाजार संचालित कौशल विकास कार्यक्रम, मनोरंजन, सामाजिक जुड़ाव और खेल, युवा नवोन्मेष संवर्धन कार्यक्रम, 3600 इंडेक्सिंग ऑफ थ्री मिलियन यूथ शामिल हैं। उप राज्यपाल ने कहा कि यूटी प्रशासन लक्षित योजनाओं के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में युवा कौशल और स्वरोजगार पर विशेष जोर दे रहा है। हितधारकों से युवा सशक्तीकरण और कौशल कार्यक्रमों/योजनाओं में कारपोरेट जुड़ाव बढ़ाने के लिए सभी रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया। यूटी की प्रत्येक पंचायत के युवाओं को कवर करने के लिए मुमकिन योजना का विस्तार किया जाएगा।
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युवाओं को कुशल बनाने के लिए कंपनियों से करार
मिशन यूथ के सीईओ डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने बताया कि 2021-22 के दौरान 12000 से अधिक लड़कियों सहित 30000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष आजीविका साधन उपलब्ध कराया गया है। मिशन यूथ बीएफएसआई, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उच्च रोजगार क्षमता वाले क्षेत्रों में युवाओं को कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से बीएसई संस्थान, आईसीआईसीआई फाउंडेशन, अशोक लीलैंड, विप्रो आदि सहित देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और संगठनों के साथ भागीदारी की है। 10 हजार से अधिक युवाओं को बाजार संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। वर्ष 2021-22 के दौरान 2022 वाहनों के लक्ष्य के मुकाबले युवाओं को स्वरोजगार के लिए 3651 वाहन उपलब्ध कराए गए। सशस्त्र बलों में अग्निवीर के रूप में शामिल करने के लिए भर्ती प्रशिक्षण दिया गया।
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