{"_id":"6255e0a926668b5e78538dea","slug":"education-city-reporter-news-jmu25767535","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीएसई के विद्यार्थी भी अब ले सकेंगे प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीएसई के विद्यार्थी भी अब ले सकेंगे प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में समान शैक्षणिक कैलेंडर होने से अब प्रदेश के दोनों संभाग के कॉलेज में एक साथ दाखिले, पढ़ाई और परीक्षाएं होंगी। समर व विंटर जोन में अलग-अलग दाखिले की व्यवस्था भी खत्म होगी। सीबीएसई स्कूलों से पास आउट छात्र भी प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश ले सकेंगे। वर्तमान में ऐसी व्यवस्था नहीं है, क्योंकि सीबीएसई बोर्ड का परिणाम आने से पहले ही जम्मू-कश्मीर के कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाती थी।
यह कैलेंडर 15 दिन में तैयार किया जाएगा। इसके लिए जम्मू व श्रीनगर विश्वविद्यालय के वीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी दोनों संभागों की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कैलेंडर तैयार करेगी, ताकि समान शैक्षणिक कैलेंडर को व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके।
इसमें दोनों संभाग में गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिसमें दोनों संभाग में एक समान कैलेंडर लागू हो सके। जेके बोर्ड का परिणाम जल्द आ जाता था। देश के अन्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने के इच्छुक बच्चों को प्रवेश परीक्षा के लिए तीन से चार महीने तक का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर में भी राष्ट्रीय शैक्षणिक कैलेंडर की तरह पढ़ाई होगी।
विज्ञापन
समर और विंटर जोन में आने वाले कॉलेजों में अलग-अलग व्यवस्था होने से प्रवेश में काफी देरी होती थी। विंटर जोन के बच्चों को प्रवेश के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। क्योंकि समर जोन का परिणाम उनके बाद आता था। नई शिक्षा नीति और समान शैक्षणिक कैलेंडर के लागू होने से प्रवेश प्रक्रिया में अब देरी नहीं होगी।
विज्ञापन
यह कैलेंडर 15 दिन में तैयार किया जाएगा। इसके लिए जम्मू व श्रीनगर विश्वविद्यालय के वीसी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी दोनों संभागों की भौगोलिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए कैलेंडर तैयार करेगी, ताकि समान शैक्षणिक कैलेंडर को व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सके।
विज्ञापन
इसमें दोनों संभाग में गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन ऐसी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिसमें दोनों संभाग में एक समान कैलेंडर लागू हो सके। जेके बोर्ड का परिणाम जल्द आ जाता था। देश के अन्य विश्वविद्यालयों में पढ़ने के इच्छुक बच्चों को प्रवेश परीक्षा के लिए तीन से चार महीने तक का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगी। जम्मू-कश्मीर में भी राष्ट्रीय शैक्षणिक कैलेंडर की तरह पढ़ाई होगी।
विज्ञापन
समर और विंटर जोन में आने वाले कॉलेजों में अलग-अलग व्यवस्था होने से प्रवेश में काफी देरी होती थी। विंटर जोन के बच्चों को प्रवेश के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था। क्योंकि समर जोन का परिणाम उनके बाद आता था। नई शिक्षा नीति और समान शैक्षणिक कैलेंडर के लागू होने से प्रवेश प्रक्रिया में अब देरी नहीं होगी।