पाक की गोलाबारी के बाद बिगड़ी सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों की अर्थव्यवस्था

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू Updated Mon, 29 Jan 2018 12:12 AM IST
Economy problem in border area after pak ceasefire violation
ceasefire violation - फोटो : Amar ujala
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी अब बंद है। इससे राहत तो जरूर है, लेकिन पिछले दिनों हुई भारी गोलाबारी से सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों की अर्थ व्यवस्था चरमरा गई है। कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें रोजी-रोटी की चिंता सता रही है। इनकी जमीन गोलों की जद में है और मवेशी मारे जा चुके हैं।
गोलाबारी से मिले जख्मों की बात करते ही सीमावर्ती ग्रामीण कराह उठते हैं। सीमा पर रहने वाले ज्यादातर लोगों की रोजी-रोटी उनके मवेशियों और खेतीबाड़ी पर निर्भर करती है। सीमा पार से हुई भारी गोलाबारी में लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है। कई ऐसे किसान हैं, जिनके मवेशी मारे जा चुके हैं।

आरएस पुरा के गांव जोड़ा फार्म में पाकिस्तानी गोलाबारी की वजह से 127 मवेशी मारे गए। इनमें भैंस, गाय, भेड़, बकरी शामिल हैं। गांव के रहने वाले मोलवी रोशन दीन का कहना है कि हम लोग पूरी तरह से मवेशियों पर निर्भर हैं।

मवेशियों के दूध से ही गुजारा होता है। गोलाबारी में मवेशी मारे गए। अब रोजी-रोटी का कोई साधन नहीं है।  गांव सुचेतगढ़ में भी एक ही घर में सात मवेशी मारे गए। 
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