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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   E Bus: Inaugural ribbon put brakes on e-buses, service started in Kashmir, waiting for green signal in Jammu

E Bus: उद्घाटन के फीते ने लगाई ई-बसों पर ब्रेक, श्रीनगर में शुरू हुई सेवा, जम्मू में हरी झंडी का इंतजार

Fri, 10 Nov 2023 04:38 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Fri, 10 Nov 2023 04:38 PM IST
सार

आला अधिकारियों की मानें तो 9 मीटर लंबी 75 बसें दौड़ने के लिए तैयार हैंं। भगवती नगर में चार्जिंग स्टेशन बन चुका है। यहां 16 में से 15 पॉइंट स्थापित किए गए हैं। दावा है कि 30 बसें एक साथ चार्ज हो सकती हैं।

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E Bus: Inaugural ribbon put brakes on e-buses, service started in Kashmir, waiting for green signal in Jammu
E Bus in Jammu Kashmir - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यातायात को सुगम, प्रदूषण रहित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से ई-बसें चलाई जानी हैं, मगर लेटलतीफी के कारण परियोजना सिरे नहीं चढ़ पा रही। बार-बार उद्घाटन का समय बढ़ाया जा रहा है। दूसरी ओर, कश्मीर में एक नवंबर से सुविधा मिल रही है।
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ऐसे में शहर वासियों को मेटाडोर या अन्य बसों में भीड़ के बीच सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आला अधिकारियों की मानें तो 9 मीटर लंबी 75 बसें दौड़ने के लिए तैयार हैंं। भगवती नगर में चार्जिंग स्टेशन बन चुका है। यहां 16 में से 15 पॉइंट स्थापित किए गए हैं। दावा है कि 30 बसें एक साथ चार्ज हो सकती हैं।
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स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 950 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत एक साल पहले जम्मू में 100 ई-बसें चलाने के लिए योजना बनाई थी। इसी तरह कश्मीर में लागू की गई। 75 ई-बसों का परिचालन कश्मीर में इसी की शुरुआत में हो रहा है जबकि जम्मू में 75 बसें हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं।
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हालात ऐसे हैं कि बस स्टैंड पर चार्जिंग स्टेशन बनाए नहीं जा सके। इसके अलावा इंटरसिटी के लिए 12 मीटर की 25 बसें मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। आला अधिकारियों के अनुसार तीन जगह कठुआ, कटरा व उधमपुर में चार्जिंग स्टेशन बन रहे हैं। बिजली का काम चल रहा है। रूट की टाइमिंग के लिए एसआरटीसी से बात चल रही है।

किराया भी तय नहीं

अनदेखी की बात करें तो अभी तक किराया निश्चित नहीं हो पाया। जानकारी मिली है कि एसआरटीसी की बसों से ई-बसों का किराया लगभग 25 प्रतिशत ज्यादा रहेगा। इसका कारण आला अधिकारी बताते हैं कि ये एसी बसें है जिसके लिए जीएसटी देना पड़ेगा। बता दें टाटा कंपनी 12 साल तक बसों का रखरखाव करेगी।

ई-बसों को चलाने के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है। बस उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा है। उद्घाटन होते ही परियोजना जनसमर्पित कर दी जाएगी। -राहुल यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी लिमिटेड

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