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जम्मू-कश्मीरः घाटी में विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर, यह रही वजह
Wed, 04 Sep 2019 06:05 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 04 Sep 2019 06:05 PM IST
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अनुच्छेद-370 हटने के बाद घाटी में लगी पाबंदियों के चलते हुए बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है। पढ़ाई में भारी नुकसान देखने को मिल रहा है। घाटी में मिडिल स्कूल और हाई स्कूल तो खुल चुके हैं, पर स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है। वहीं घाटी के हायर सेकेंडरी स्कूल और कॉलेज अभी तक नहीं खुल पाए हैं। इसी के चलते 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों का सिलेबस भी पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे उन्हें पढ़ाई में काफी ज्यादा नुकसान पहुंच रहा है।
पिछले एक महीने से घाटी के विद्यार्थियों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उन्हें अब जल्दी से जल्दी पाबंदियां हटने का इंतजार है ताकि उनकी पढ़ाई में होने वाला नुकसान कम हो सके। डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन, कश्मीर मोहम्मद यूनुस मलिक का कहना है कि हमारी कोशिश है कि जल्दी से जल्दी हायर सेकेंडरी स्कूलों को खोलने की कोशिश जारी है ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में ज्यादा नुकसान न झेलना पड़े। स्कूल लगने के बाद विद्यार्थियों का सिलेबस भी पूरा कर लिया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े, पढ़ाई में उनकी पूरी मदद की जाएगी।
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पिछले एक महीने से घाटी के विद्यार्थियों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। उन्हें अब जल्दी से जल्दी पाबंदियां हटने का इंतजार है ताकि उनकी पढ़ाई में होने वाला नुकसान कम हो सके। डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन, कश्मीर मोहम्मद यूनुस मलिक का कहना है कि हमारी कोशिश है कि जल्दी से जल्दी हायर सेकेंडरी स्कूलों को खोलने की कोशिश जारी है ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में ज्यादा नुकसान न झेलना पड़े। स्कूल लगने के बाद विद्यार्थियों का सिलेबस भी पूरा कर लिया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि विद्यार्थियों को पढ़ाई में किसी तरह की कोई परेशानी न झेलनी पड़े, पढ़ाई में उनकी पूरी मदद की जाएगी।
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