द्राबू ने मोदी से मांगा बाढ़ राहत पैकेज
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वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बाढ़ राहत के विशेष पैकेज को जल्द जारी करने की मांग की। उन्होंने बताया कि बाढ़ से सभी क्षेत्रों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। आवास, व्यापार, कृषि, बागवानी और अन्य क्षेत्र बाढ़ की मार से अब तक उबर नहीं पाए हैं।
द्राबू ने कहा कि पीड़ितों के तत्काल पुनर्वास की समस्या बनी हुई है। भाजपा-पीडीपी सरकार ने रियासत के बजट में बाढ़ पीड़ितों के राहत के लिए कई प्रावधान किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने द्राबू को भरोसा दिलाया है कि वह बाढ़ राहत पैकेज पर जल्द कदम उठाएंगे।
गौरतलब है कि उमर अब्दुल्ला की सरकार ने बाढ़ राहत के लिए 44 हजार करोड़ के विशेष पैकेज की मांग का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था। वित्त मंत्री द्राबू उस मांग से सहमत नहीं हैं। द्राबू का मानना है कि उस प्रस्ताव में मांग को कोई तार्किक आधार नहीं दिया गया था। लोगों ने जैसा बताया वह प्रस्ताव में जोड़ दिया गया।
केंद्र को फिर से भेजे गए प्रस्ताव
अब भाजपा-पीडीपी की सरकार इस दिशा में योजना बनाकर ठोस कदम उठा रही है। विभागवार प्रस्ताव केंद्र के पास नए सिरे से भेजे गए हैं। वित्त मंत्री द्राबू ने चार दिन पहले ही रियासत का बजट पेश किया जिसे विधानमंडल ने पारित कर दिया है। द्राबू ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि बजट में केंद्र सरकार की नीतियों के अनुरूप बदलाव किए गए हैं।
योजना आयोग को समाप्त कर नीति आयोग के गठन के बाद इस बार बजट में योजना और गैर योजना मद खत्म कर दिया गया है। उन्होंने रियासत के वित्तीय हालात और उसमें सुधार के लिए सरकार द्वारा की गई पहल की विस्तार से जानकारी दी। द्राबू ने बताया कि पहली बार ऊर्जा क्षेत्र के लिए अलग बजट पेश किया गया है जिसमें एक लाख करोड़ रुपये का रोडमैप है।
रियासत सरकार ऊर्जा क्षेत्र के विकास पर विशेष जोर दे रही है। इससे बिजली उत्पादन बढे़गा और जम्मू कश्मीर को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सकेगा।