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J&K: राज्यपाल ने अभिभाषण में भारत-पाक के बीच बातचीत पर दिया जोर
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 02 Jan 2017 08:48 PM IST
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अभिभाषण के दौरान राज्यपाल एनएन वोहरा
- फोटो : AMAR UJALA
राज्यपाल एनएन वोहरा ने रियासत में शांति, खुशहाली तथा विकास के लिए भारत-पाक के बीच जल्द बातचीत शुरू करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष के मुद्दे को हल किया जा सकता है।
बजट सत्र के शुरुआत पर अभिभाषण करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच न केवल तत्काल बातचीत शुरू होनी चाहिए, बल्कि यह भी जरूरी है कि गांवों और शहरों में रहने वाले परिवारों से भी बातचीत हो, ताकि सामाजिक और नैतिक जनमत बन सके। यह विकास तथा शांति बहाली में सरकार के पहल को मजबूती प्रदान करेगी।
विधायकों को नए राजनीतिक परिदृश्य के निर्माण का रास्ता खोजना चाहिए अन्यथा बिना मतलब की हिंसा जम्मू कश्मीर के भविष्य को बर्बाद कर देगी। सदन को राजनीतिक समस्याओं के हल के लिए ठोस तथा मजबूत विचार लाने चाहिएं, ताकि सामाजिक और राजनीतिक दूरियां मिट सकें।
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इसके लिए पार्टी लाइन तथा विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना होगा। यदि यह संभव हो गया तो रियासत में शांति की नींव पड़ जाएगी। भविष्य की तस्वीर चुने तथा नामित जनप्रतिनिधियों से ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी ने सकारात्मक सहयोग किया तो जल्द ही सुलह की प्रक्रिया के लिए वातावरण तैयार हो जाएगा।
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बजट सत्र के शुरुआत पर अभिभाषण करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच न केवल तत्काल बातचीत शुरू होनी चाहिए, बल्कि यह भी जरूरी है कि गांवों और शहरों में रहने वाले परिवारों से भी बातचीत हो, ताकि सामाजिक और नैतिक जनमत बन सके। यह विकास तथा शांति बहाली में सरकार के पहल को मजबूती प्रदान करेगी।
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विधायकों को नए राजनीतिक परिदृश्य के निर्माण का रास्ता खोजना चाहिए अन्यथा बिना मतलब की हिंसा जम्मू कश्मीर के भविष्य को बर्बाद कर देगी। सदन को राजनीतिक समस्याओं के हल के लिए ठोस तथा मजबूत विचार लाने चाहिएं, ताकि सामाजिक और राजनीतिक दूरियां मिट सकें।
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इसके लिए पार्टी लाइन तथा विचारधारा से ऊपर उठकर काम करना होगा। यदि यह संभव हो गया तो रियासत में शांति की नींव पड़ जाएगी। भविष्य की तस्वीर चुने तथा नामित जनप्रतिनिधियों से ही संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी ने सकारात्मक सहयोग किया तो जल्द ही सुलह की प्रक्रिया के लिए वातावरण तैयार हो जाएगा।
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'युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना होगा'
राज्यपाल केअभिभाषण के दौरान हंगामा
- फोटो : AMAR UJALA
राज्यपाल ने कहा कि पिछले 30 साल में कई बार लोकतांत्रिक ढांचे पर संकट के बादल उमड़े, लेकिन यह सौभाग्य है कि हर बार इस संकट से निकलते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को बहाल रखने में कामयाबी मिली। 2008 से लगातार सामाजिक ताने-बाने को निशाना बनाया जा रहा है, जो एक गंभीर चुनौती है।
विश्वास है कि धर्म तथा सांप्रदायिकता के नाम पर इस ताने-बाने को बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में आज सामाजिक विश्वास का संकट खड़ा हुआ है। खासकर घाटी के युवाओं में।
इसकी वजह से वे मूल्यों की परंपरा से दूर हो रहे हैं। इस समस्या को प्राथमिकता पर रखते हुए इसका निराकरण करना होगा। युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयास करने होंगे। इससे पहले अभिभाषण के लिए राज्यपाल के पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता, विधान परिषद के चेयरमैन हाजी अनायत अली, संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने उनकी अगवानी की।
विश्वास है कि धर्म तथा सांप्रदायिकता के नाम पर इस ताने-बाने को बिगाड़ने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में आज सामाजिक विश्वास का संकट खड़ा हुआ है। खासकर घाटी के युवाओं में।
इसकी वजह से वे मूल्यों की परंपरा से दूर हो रहे हैं। इस समस्या को प्राथमिकता पर रखते हुए इसका निराकरण करना होगा। युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयास करने होंगे। इससे पहले अभिभाषण के लिए राज्यपाल के पहुंचने पर विधानसभा अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता, विधान परिषद के चेयरमैन हाजी अनायत अली, संसदीय कार्य मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने उनकी अगवानी की।