गर्मियों में शांत रहेगा घाटी का माहौल, आतंकी माड्यूल के कुछ अवशेष अभी बाकीः डीजीपी दिलबाग सिंह
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जम्मू कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने इस साल गर्मियों में कश्मीर घाटी में शांतिपूर्ण माहौल रहने की उम्मीद जताई है। डीजीपी ने कहा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि स्थिति शांतिपूर्ण रहेगी। सिंह कश्मीर में गर्मियों के दौरान किसी गड़बड़ी के अंदेशे को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने जनवरी में घाटी और जम्मू में सफल आतंकवाद रोधी अभियानों का उल्लेख किया। कहा, हमने पिछले महीने आतंकवादियों के कई मॉड्यूलों का भंडाफोड़ किया, लेकिन श्रीनगर के लाल चौक पर हुआ ग्रेनेड हमला बताता है कि आतंकी माड्यूल के कुछ अवशेष अभी बाकी हैं, हालांकि सुरक्षा बल सतर्क हैं और उनकी योजनाओं को नाकाम कर रहे हैं।
रविवार को लाल चौक पर ग्रेनेड से हमला करने वालों के बारे में पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं और हम उस तक जल्दी पहुंच जाएंगे। रविवार को शहर के व्यस्त लाल चौक इलाके में प्रताप पार्क के पास ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ कर्मियों पर आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंका था जिसमें दो जवान व सात नागरिक घायल हुए थे।
आतंकियों द्वारा वीपीएन का दुरुपयोग किया जा रहा
सिंह ने बताया कि आतंकियों द्वारा वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का दुरुपयोग किया जा रहा है। हाल ही में जम्मू के नगरोटा में हुई मुठभेड़ में ट्रक चालक ने पहले मुठभेड़ की तस्वीर क्लिक की और इसे सबूत के तौर पर पाक को भेजा कि उन्हें रोक दिया गया है। ट्रक ड्राईवर को जब गिरफ्तार किया गया तो जांच में इस बात का खुलासा हुआ है।
डीजीपी दिलबाग सिंह ने बताया कि श्रीनगर में बाइक सवार तीन आतंकी एक नाके पर जब जांच के लिए रोके गए तो उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक सीआरपीएफ जवान गोली लगने से शहीद हो गए। शहीद सीआरपीएफ जवान कांस्टेबल रमेश रंजन को सर पर गोली लगी थी।
जवाबी कार्रवाई में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों के पास से दो पिस्तौल और ग्रेनेड बरामद हुए हैं। डीजीपी ने बताया कि इस साल अबतक 20 आतंकी मारे जा चुके हैं।