{"_id":"6495f873a439786256097807","slug":"development-problem-samba-news-c-10-jam1029-146515-2023-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: व्यवस्था पर सवाल, डेडलाइन के 5 साल बाद भी तैयार नहीं अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: व्यवस्था पर सवाल, डेडलाइन के 5 साल बाद भी तैयार नहीं अस्पताल
विज्ञापन
5 साल पहले पूरा होना था अस्पताल, 10 साल बाद भी इंतजार
डेडलाइन के 5 साल बाद भी अस्पताल तैयार नहीं
व्यवस्था पर सवाल, डेडलाइन के 5 साल बाद भी तैयार नहीं अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। उपजिला अस्पताल ज्यौड़ियां की नई इमारत का काम 10 साल में पूरा नहीं हो पाया है। नतीजतन अस्पताल के स्टाफ को पुरानी जर्जर इमारत में ही सेवाएं देनी पड़ रही हैं। वहीं, क्षेत्र की जनता भी अच्छी सेहत सुविधाओं से वंचित है। लोगों की सरकार से मांग है कि जल्द इमारत का काम पूरा करवाकर पुराने अस्पताल को नई इमारत में शिफ्ट किया जाए।
बता दें कि उपजिला अस्पताल की पुरानी इमारत की हालत जर्जर हो चुकी थी। नई इमारत बनवाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब-ज्यौड़ियां के सहयोग से 28 जनवरी 2008 को आंदोलन किया था। इसके बाद 17 अगस्त 2012 को तत्कालीन सेहतमंत्री शाम लाल शर्मा और पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा ने उपजिला अस्पताल की नई इमारत के निर्माण का नींवपत्थर रखा था। इसकी अनुमानित लागत तब 17.69 करोड़ रुपये रखी गई थी। इमारत के निर्माण की जिम्मेदारी हाउसिंग विभाग को दी गई थी। 2017 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो पाया है। मजबूरी में स्टाफ को जर्जर हो चुकी पुरानी इमारत में काम करना पड़ा रहा है।
नपा ज्यौड़ियां के चेयरमैन मदन लाल, पूर्व पार्षद पीडी शर्मा और नायब सरपंच रोकी गुप्ता ने बताया कि ज्यौड़ियां में जब भी माई टाउन माई प्राइड कार्यक्रम हुआ तो उपजिला अस्पताल की इमारत का मुद्दा उठाया जाता रहा, इसके बावजूद आज तक नई इमारत का काम पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने बताया कि विभाग के अनुसार नई इमारत का काम करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक भाग बन चुका है। इसलिए उपजिला अस्पताल की पुरानी इमारत की हालत देख विभाग को समय रहते नई इमारत में उपजिला अस्पताल को शिफ्ट करवा देना चाहिए। पुरानी इमारत में हादसे का डर है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द अस्पताल को नई इमारत में शिफ्ट न किया गया तो फिर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
नई इमारत मिलते ही शिफ्ट कर देंगे अस्पताल : बीएमओ
बीएमओ अखनूर सलीम खान ने कहा कि हाउसिंग विभाग की लापरवाही के चलते नई इमारत का काम पूरा होने में देरी हो रही है। सेहत विभाग की ओर से जेके हाउसिंग विभाग को पूरा भुगतान कर दिया गया है। हम तो नई इमारत मिलते ही अस्पताल को शिफ्ट कर देंगे।
फंड में देरी से काम में देरी : एक्सईएन
हाउसिंग विभाग के एक्सईएन तिलक राज ने बताया कि इमारत के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। सेहत विभाग की ओर से 1.80 करोड़ रुपये की राशि जारी करने में हो रही देरी के चलते काम में देरी हो रही है। फिर भी ठेकेदार की तरफ से काम जारी रखा हुआ है। कोशिश है कि दो हफ्ते के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर सेहत विभाग को इमारत सौंप दी जाए।
पैसे मिलते ही काम में तेजी ला देंगे : ठेकेदार
ठेकेदार विजय कुमार शर्मा ने कहा कि पैसे की कमी के चलते काम धीमी गति से चल रहा है। विभाग भुगतान नहीं कर रहा है। जितनी जल्दी विभाग की ओर से पैसे की भुगतान किया जाएगा, उतनी ही जल्दी से काम को पूरा किया जाएगा।
विज्ञापन
डेडलाइन के 5 साल बाद भी अस्पताल तैयार नहीं
व्यवस्था पर सवाल, डेडलाइन के 5 साल बाद भी तैयार नहीं अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्यौड़ियां। उपजिला अस्पताल ज्यौड़ियां की नई इमारत का काम 10 साल में पूरा नहीं हो पाया है। नतीजतन अस्पताल के स्टाफ को पुरानी जर्जर इमारत में ही सेवाएं देनी पड़ रही हैं। वहीं, क्षेत्र की जनता भी अच्छी सेहत सुविधाओं से वंचित है। लोगों की सरकार से मांग है कि जल्द इमारत का काम पूरा करवाकर पुराने अस्पताल को नई इमारत में शिफ्ट किया जाए।
बता दें कि उपजिला अस्पताल की पुरानी इमारत की हालत जर्जर हो चुकी थी। नई इमारत बनवाने के लिए क्षेत्र के लोगों ने पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी छंब-ज्यौड़ियां के सहयोग से 28 जनवरी 2008 को आंदोलन किया था। इसके बाद 17 अगस्त 2012 को तत्कालीन सेहतमंत्री शाम लाल शर्मा और पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा ने उपजिला अस्पताल की नई इमारत के निर्माण का नींवपत्थर रखा था। इसकी अनुमानित लागत तब 17.69 करोड़ रुपये रखी गई थी। इमारत के निर्माण की जिम्मेदारी हाउसिंग विभाग को दी गई थी। 2017 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन आज तक पूरा नहीं हो पाया है। मजबूरी में स्टाफ को जर्जर हो चुकी पुरानी इमारत में काम करना पड़ा रहा है।
विज्ञापन
नपा ज्यौड़ियां के चेयरमैन मदन लाल, पूर्व पार्षद पीडी शर्मा और नायब सरपंच रोकी गुप्ता ने बताया कि ज्यौड़ियां में जब भी माई टाउन माई प्राइड कार्यक्रम हुआ तो उपजिला अस्पताल की इमारत का मुद्दा उठाया जाता रहा, इसके बावजूद आज तक नई इमारत का काम पूरा नहीं किया गया।
विज्ञापन
पब्लिक ज्वाइंट एक्शन कमेटी प्रधान अमृत भूषण बाबा भारती ने बताया कि विभाग के अनुसार नई इमारत का काम करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है। एक भाग बन चुका है। इसलिए उपजिला अस्पताल की पुरानी इमारत की हालत देख विभाग को समय रहते नई इमारत में उपजिला अस्पताल को शिफ्ट करवा देना चाहिए। पुरानी इमारत में हादसे का डर है। वहीं, क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द अस्पताल को नई इमारत में शिफ्ट न किया गया तो फिर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
नई इमारत मिलते ही शिफ्ट कर देंगे अस्पताल : बीएमओ
बीएमओ अखनूर सलीम खान ने कहा कि हाउसिंग विभाग की लापरवाही के चलते नई इमारत का काम पूरा होने में देरी हो रही है। सेहत विभाग की ओर से जेके हाउसिंग विभाग को पूरा भुगतान कर दिया गया है। हम तो नई इमारत मिलते ही अस्पताल को शिफ्ट कर देंगे।
फंड में देरी से काम में देरी : एक्सईएन
हाउसिंग विभाग के एक्सईएन तिलक राज ने बताया कि इमारत के निर्माण का काम अंतिम चरण में है। सेहत विभाग की ओर से 1.80 करोड़ रुपये की राशि जारी करने में हो रही देरी के चलते काम में देरी हो रही है। फिर भी ठेकेदार की तरफ से काम जारी रखा हुआ है। कोशिश है कि दो हफ्ते के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर सेहत विभाग को इमारत सौंप दी जाए।
पैसे मिलते ही काम में तेजी ला देंगे : ठेकेदार
ठेकेदार विजय कुमार शर्मा ने कहा कि पैसे की कमी के चलते काम धीमी गति से चल रहा है। विभाग भुगतान नहीं कर रहा है। जितनी जल्दी विभाग की ओर से पैसे की भुगतान किया जाएगा, उतनी ही जल्दी से काम को पूरा किया जाएगा।