{"_id":"6ad14a9d4b3e2ede68083437","slug":"development-news-jammu-news-c-10-jmu1059-1040382-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: मां वैष्णो के प्राचीन मार्ग को संवारने की पहल तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: मां वैष्णो के प्राचीन मार्ग को संवारने की पहल तेज
विज्ञापन
- श्री हनुमान और गणेश मंदिरों का निर्माण शुरू
- जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ का बजट प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मां वैष्णो देवी की यात्रा का कभी अहम हिस्सा रहा नगरोटा से कटड़ा तक का प्राचीन पैदल मार्ग अब फिर पहचान पाने की उम्मीद जगा रहा है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड श्री हनुमान और गणेश जी के मंदिरों का निर्माण करावा रहा है।
पहले श्रद्धालु नगरोटा से पंगाली, शिबा, ठंडा पानी, मढ़, गुंडला, बमियाल और ओली मंदिर होते हुए देवा माई के रास्ते कटड़ा पहुंचते थे। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इनटेक) की जम्मू इकाई ने मार्ग पर छोटी वाटिकाएं विकसित करने और सजावटी पौधे लगाने के लिए वन विभाग से संपर्क किया है। इकाई के कन्वीनर एसएम साहनी के अनुसार इस संबंध में प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। नगरोटा की विधायक देवयानी राणा ने विधानसभा में मार्ग के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया था। संस्कृति विभाग ने बजट उपलब्धता के आधार पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन
- जीर्णोद्धार के लिए 15 करोड़ का बजट प्रस्तावित
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मां वैष्णो देवी की यात्रा का कभी अहम हिस्सा रहा नगरोटा से कटड़ा तक का प्राचीन पैदल मार्ग अब फिर पहचान पाने की उम्मीद जगा रहा है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड श्री हनुमान और गणेश जी के मंदिरों का निर्माण करावा रहा है।
पहले श्रद्धालु नगरोटा से पंगाली, शिबा, ठंडा पानी, मढ़, गुंडला, बमियाल और ओली मंदिर होते हुए देवा माई के रास्ते कटड़ा पहुंचते थे। इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इनटेक) की जम्मू इकाई ने मार्ग पर छोटी वाटिकाएं विकसित करने और सजावटी पौधे लगाने के लिए वन विभाग से संपर्क किया है। इकाई के कन्वीनर एसएम साहनी के अनुसार इस संबंध में प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। नगरोटा की विधायक देवयानी राणा ने विधानसभा में मार्ग के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाया था। संस्कृति विभाग ने बजट उपलब्धता के आधार पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराने की जानकारी दी थी।
विज्ञापन