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Jammu News: पुलवामा-बडगाम के सौ गांवों का सफर सुलभ करेगा रूहामा सेतु
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2014 में आई बाढ़ में बह गया था पुल, 26 करोड़ से तैयार किया जा रहा नया ब्रिज, 70 फीसदी काम पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवामा। पुलवामा और बडगाम जिलों के 80 से 100 गांवों को जोड़ने वाले रूहामा पुल का काम एक दशक बाद आखिरकार पूरा होने के मुकाम पर पहुंच गया है। यहां पर 2014 में आई बाढ़ में पुल बह गया था। 150 मीटर लंबा नया पुल पुलवामा और बडगाम के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दोनों जिलों के बीच एक कड़ी का काम करेगा, जिससे करीब 100 गांवों की आबादी का सफर आसान हो जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 26 करोड़ रुपये है।
झेलम और तवी बाढ़ रिकवरी परियोजना (जेटीएफआरपी) के तहत सड़क एवं भवन निर्माण विभाग (आरएंडबी) ने नए पुल का काम 70 फीसदी तक पूरा कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निर्माण टीमों का समर्पित प्रयास समय पर परियोजना वितरण करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। इस पुल से सुगम परिवहन की सुविधा मिलने से यहां के लोगों को लाभ होने और गांवों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो ज्यादातर सेब की फसल पर निर्भर हैं। एक स्थानीय निवासी रईस अहमद ने बताया, हम प्रशासन के आभारी है, क्योंकि एक बड़ा क्षेत्र इस पुल से जुड़ जाता है। माइनस डिग्री तापमान में भी चौबीसों घंटे पुल का काम चल रहा है। उम्मीद है कि पुल मार्च तक चलने योग्य हो जाएगा। जैसे-जैसे पुल अपने उद्घाटन के करीब है, यह एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने का वादा करता है, जो न केवल समुदायों को जोड़ता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है। यह पुल रूहामा और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए प्रगति और बेहतर कनेक्टिविटी का प्रतीक बनेगा।
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पुल एक बड़े क्षेत्र विशेष रूप से पाखरपोरा, चरार-ए-शरीफ व बडगाम से जुड़ता है और करीब 100 गांवों की आबादी इस पर निर्भर होगी। दस साल पहले पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। अब इसका नए सिरे से निर्माण करवाया जा रहा है और काम पूरी गति के साथ चल रहा है। एक-दो माह में पुल पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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- जावेद अहमद, कार्यकारी अभियंता, आरएंडबी, पुलवामा
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवामा। पुलवामा और बडगाम जिलों के 80 से 100 गांवों को जोड़ने वाले रूहामा पुल का काम एक दशक बाद आखिरकार पूरा होने के मुकाम पर पहुंच गया है। यहां पर 2014 में आई बाढ़ में पुल बह गया था। 150 मीटर लंबा नया पुल पुलवामा और बडगाम के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दोनों जिलों के बीच एक कड़ी का काम करेगा, जिससे करीब 100 गांवों की आबादी का सफर आसान हो जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 26 करोड़ रुपये है।
झेलम और तवी बाढ़ रिकवरी परियोजना (जेटीएफआरपी) के तहत सड़क एवं भवन निर्माण विभाग (आरएंडबी) ने नए पुल का काम 70 फीसदी तक पूरा कर लिया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, निर्माण टीमों का समर्पित प्रयास समय पर परियोजना वितरण करने की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। इस पुल से सुगम परिवहन की सुविधा मिलने से यहां के लोगों को लाभ होने और गांवों में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होने की उम्मीद है, जो ज्यादातर सेब की फसल पर निर्भर हैं। एक स्थानीय निवासी रईस अहमद ने बताया, हम प्रशासन के आभारी है, क्योंकि एक बड़ा क्षेत्र इस पुल से जुड़ जाता है। माइनस डिग्री तापमान में भी चौबीसों घंटे पुल का काम चल रहा है। उम्मीद है कि पुल मार्च तक चलने योग्य हो जाएगा। जैसे-जैसे पुल अपने उद्घाटन के करीब है, यह एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने का वादा करता है, जो न केवल समुदायों को जोड़ता है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देता है। यह पुल रूहामा और आसपास के गांवों के निवासियों के लिए प्रगति और बेहतर कनेक्टिविटी का प्रतीक बनेगा।
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पुल एक बड़े क्षेत्र विशेष रूप से पाखरपोरा, चरार-ए-शरीफ व बडगाम से जुड़ता है और करीब 100 गांवों की आबादी इस पर निर्भर होगी। दस साल पहले पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। अब इसका नए सिरे से निर्माण करवाया जा रहा है और काम पूरी गति के साथ चल रहा है। एक-दो माह में पुल पूरी तरह तैयार हो जाएगा।
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- जावेद अहमद, कार्यकारी अभियंता, आरएंडबी, पुलवामा