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कश्मीर मुद्दे का राजनीतिक हल ढूंढे दिल्ली : उमर

Wed, 23 Nov 2016 12:09 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Wed, 23 Nov 2016 12:09 PM IST
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DELHI try to Find a political solution to the Kashmir issue : Omar
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कश्मीर एक राजनीतिक मुद्दा है और राज्य में शांति बहाली के लिए इसका राजनीतिक हल ही ढूंढा जाना चाहिए। मामले का हल निकालने के लिए दिल्ली को सभी पक्षकारों से बातचीत का रास्ता खोलना होगा। 
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यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने दावा किया था कि नोटबंदी से कश्मीर के हालात पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन यहां के युवा 500 व 1000 रुपये के नोट के लिए नहीं मरते हैं। मुद्दे से ध्यान भटकाने की बजाय जरूरत इस बात की है कि वास्तविक समस्या को समझा जाए।
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पिछले चार महीने से कश्मीर के हालात को अलार्मिंग बताते हुए कहा कि यह मुद्दा आर्थिक तथा कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि नई दिल्ली को इसका राजनीतिक हल निकालना चाहिए। कश्मीर हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि इस दौर में भी पीडीपी और भाजपा के बीच मतभेद तथा अवसरवादिता देखने को मिली।
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नेशनल कांफ्रेंस ने कश्मीर हिंसा को समाप्त करने के लिए प्रयास किए। इस दिशा में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा प्रतिपक्ष के नेता से मिलकर हस्तक्षेप करने की मांग की गई। नेशनल कांफ्रेंस ने पीडीपी की तरह हालात के राजनीतिकरण करने की कोशिश नहीं की, जैसा कि उसने 1999 से 2002 और 2008 से 2014 के दौरान सरकार के कामकाज में व्यवधान उत्पन्न करने की कोशिश की थी।

मुख्यमंत्री महबूबा पर साधा निशाना

DELHI try to Find a political solution to the Kashmir issue : Omar
व‌िधानसभा में बोलते उमर अब्दुल्ला - फोटो : Amar Ujala
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती पर हमले करते हुए कहा कि जब वे विपक्ष में थीं तो लोगों के दुख-दर्द का राजनीतिक लाभ लेने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देती थीं, लेकिन अब क्या हो गया। जनता राशन, पानी, बिजली की समस्या से त्रस्त है। कहा कि उनके मुख्यमंत्रित्व काल में शुरू की गई योजनाएं या तो रोक दी गई हैं या फिर उन्हें छोड़ दिया गया है।

रेटले, कीरू, क्वार, कलनाई, पक्काडुल, सावलाकोट बिजली परियोजनाओं से न केवल चिनाब घाटी का आर्थिक परिदृश्य बदलता, बल्कि पूरे राज्य को इसका फायदा होता। पीडीपी-भाजपा सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। 

राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर कहा कि वर्तमान में विभाजनकारी राजनीति चल रही है। इससे सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे तत्वों को नाकाम करने का आह्वान किया। साथ ही लोगों से भाईचारा के साथ रहने की अपील की।

उन्होंने पीडीपी-भाजपा पर लोगों को बांटने तथा ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक एजेंडे के लिए वे इस प्रकार के प्रयासों को बढ़ावा दे रहे हैं। इस मौके पर पार्टी के महासचिव अली मोहम्मद सागर, डा. मुस्तफा कमाल, प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा, कश्मीरा सिंह, शेख अब्दुल रहमान आदि मौजूद रहे। 
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