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20 और मौतें, पंचैरी में 35 दलदल में फंसे

Mon, 08 Sep 2014 12:59 AM IST
Updated Mon, 08 Sep 2014 12:59 AM IST
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death toll rising in jammu and kashmir

रियासत में रविवार को मौसम तो साफ हो गया, लेकिन महाविनाश का सिलसिला अभी जारी है। उधमपुर, राजौरी और रियासी में भूस्खलन और दलदल में 20 लोगों की मौत हो गई। दर्जनों के लापता होने की सूचना है। पंचैरी में 35 लोग दलदल में धंस गए हैं। रविवार को कुल मौतों का आंकड़ा 170 के पार हो गया है। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।

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सैकड़ों मवेशी या तो बह गए हैं या मलबे में दबे हैं। पंजर और मुत्तल गांवों में मलबे में दबे 14 शव निकाले जा चुके हैं। सेना ने इन गांवों में रेसक्यू आपरेशन चलाकर 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। जिला राजौरी में भूस्खलन से चार मकान ढह गए हैं।
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हालांकि, यहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, पर आसपास की पहाड़ियां दरकने से दहशत में 25 परिवारों के 120 लोग घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। उधमपुर-कटड़ा ट्रैक पर दरार आने से लगातार दूसरे दिन ट्रेनों का संचालन ठप पड़ा है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे रविवार को लगातार चौथे दिन बंद रहा। सैकड़ों गांवों का सड़क संपर्क टूट चुका है।
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अधिकतर इलाकों में बिजली, पानी और संचार सेवा भी ध्वस्त है। इससे नुकसान का आकलन करने में भी दिक्कतें हो रहीं हैं। वहीं, कश्मीर संभाग में भी लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। झेलम का तटबंध टूटने से पानी रविवार को शहर के लाल चौक, राजबाग इलाके में घुस गया।

इससे कई मकान पहली मंजिल तक डूब गए हैं। सेना, एयरफोर्स और एनडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में जुटीं हैं। नावों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

हाथ हिलाते रहे, कोई मदद को नहीं आया

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बीते पांच दिनों से कुदरत की मार झेल रही रियासत में रविवार को बेहद दर्दनाक हादसे में 30 से 40 लोगों के मारे जाने की आशंका है। तबाही का सबसे दर्दनाक मंजर उधमपुर के मुत्तल गांव में नजर आया जहां तीस से चालीस लोग दलदल मे धंस गए। दरअसल एक पूरा पहाड़ी गांव के ऊपर आ गिरी।

भूस्खलन में आई गीली मिट्टी जब कच्चे मकानों पर गिरी तो भयानक दलना ग्रामीणों को लील गया। इस गांव में लगभग 300 लोग रहते थे अधिकांश तब बाहर निकल आए जब भूस्खलन शुरू हुआ ले‌‌किन लगभग चालीस लोग फंस गए। फंसे लोग दलदल में समाते वक्त मदद के लिए चीख-पुकार मचाते रहे लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

पीड़‌ित घंटों तक मदद के लिए हाथ हिलाते रहे पर कोई उनकी जान बचाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाया। जो लोग आसपास थे भी वे भी दलदल में धंस जाने के दहशत में अपनी जान बचाने को दूर पहाड़ी पर चढ़ गए। एकाएक उनकी आवाजें दलदल में ही खो गई। देर शाम तम आठ लोगों के शव निकाले जा सके थे। सोमवार को फिर से बचाव कार्य चलाया जाएगा।

तो दलदल में घंस जाता हेलीकाप्टर

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सड़क संपर्क टूटा होने से बचाव दल को पहुंचने में काफी देर हो गई। पंचैरी पुलिस पैदल चलकर 10 घंटे बाद  घटनास्थल पर पहुंची। एयरफोर्स के हेलीकाप्टर को दलदल में नहीं उतारा जा सका। तीसरे प्रयास में बचाव दल के 49 सदस्यों को एक-एक कर उतारा गया। सभी सदस्यों को एकसाथ उतारने में हेलीकाप्टर के भी दलदल में धंस जाने की आशंका थी।

डीआईजी गरीब दास ने बताया कि मुत्तल गांव में लोगों के दलदल में फंसे होने की जानकारी सुबह ही मिल गई थी। पर किसी प्रशासनिक अधिकारी के वहां नहीं पहुंच पाने के चलते इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। जिलाधीश यशा मुदगल ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है।

उन्होंने 10 से 15 लोगों के लापता होने की आशंका जताई है जबकि ग्रामीण यह संख्या 35 बताई है जिनके बचने की संभावना नहीं के बराबर है। राहत कार्य में सात हेलीकाप्टर लगाए गए हैं। आपदा प्रबंधन की टीम भी जुटी है। राशन का इंतजाम कराया गया है।

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