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Jammu News: अपडेट के बाद मोबाइल ऑन हुआ तो खाते से उड़ गए 94 हजार
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जम्मू। जम्मू में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित का मोबाइल खुद अपडेट होना शुरू हो गया। कुछ समय तक प्रक्रिया चलती रही और जब मोबाइल ऑन हुआ तो सारा डेटा गायब हो गया। इसी बीच खाते से 94 हजार रुपये निकलने का मैसेज आया।
पीड़ित के अनुसार मोबाइल चार्जिंग पर लगा था। तभी अचानक अपडेट होने लगा। जब मोबाइल ऑन हुआ तो डेटा गायब था। इतने में मैसेज आया कि बैंक खाते से 94 लाख रुपये की निकासी हुई है। समय बर्बाद किए बिना आईसीआईसीआई बैंक से संपर्क किया। पता चला कि गूगल पे के माध्यम से ट्रांजेक्शन की गई है। बैंक के अनुसार रकम राजस्थान के किसी व्यक्ति की यूपीआई आईडी में ट्रांसफर हुई है।
पीड़ित ने बताया कि न लिंक पर क्लिक किया और न ही ओटीपी साझा किया था। इसके बावजूद पैसे निकल गए। साइबर पुलिस स्टेशन ने शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि मोबाइल को कैसे हैक कर ट्रांजेक्शन की गई। डीएसपी रोहित चड़गल ने कहा कि कई बार लोग अनजाने में एपीके फाइल या किसी अज्ञात स्रोत से एप डाउनलोड कर लेते हैं। ऐसे एप फोन का एक्सेस साइबर अपराधियों तक पहुंचा सकते हैं। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन, बैंकिंग एप और निजी जानकारी तक लीक हो जाती है जिससे ठगी को अंजाम दिया जाता है।
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पीड़ित के अनुसार मोबाइल चार्जिंग पर लगा था। तभी अचानक अपडेट होने लगा। जब मोबाइल ऑन हुआ तो डेटा गायब था। इतने में मैसेज आया कि बैंक खाते से 94 लाख रुपये की निकासी हुई है। समय बर्बाद किए बिना आईसीआईसीआई बैंक से संपर्क किया। पता चला कि गूगल पे के माध्यम से ट्रांजेक्शन की गई है। बैंक के अनुसार रकम राजस्थान के किसी व्यक्ति की यूपीआई आईडी में ट्रांसफर हुई है।
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पीड़ित ने बताया कि न लिंक पर क्लिक किया और न ही ओटीपी साझा किया था। इसके बावजूद पैसे निकल गए। साइबर पुलिस स्टेशन ने शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि मोबाइल को कैसे हैक कर ट्रांजेक्शन की गई। डीएसपी रोहित चड़गल ने कहा कि कई बार लोग अनजाने में एपीके फाइल या किसी अज्ञात स्रोत से एप डाउनलोड कर लेते हैं। ऐसे एप फोन का एक्सेस साइबर अपराधियों तक पहुंचा सकते हैं। इसके बाद मोबाइल स्क्रीन, बैंकिंग एप और निजी जानकारी तक लीक हो जाती है जिससे ठगी को अंजाम दिया जाता है।
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